केलांग/उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। टीजीटी अध्यापक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। यह बात सर्व टीजीटी काडर महासंघ के प्रदेश सचिव कमलेश ठाकुर ने कही। महासंघ की बैठक रविवार को राजकीय आदर्श माध्यमिक विद्यालय जाहलमा में आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य विशन दास शर्मा ने की। महासंघ के प्रदेश सचिव कमलेश ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे।उन्होंने पंजाब सरकार की तर्ज पर टीजीटी अध्यापकों को 45,400 रुपये का पे-स्केल देने की मांग उठाई। वर्तमान वेतनमान शिक्षकों की योग्यता और मेहनत के अनुरूप नहीं है, जबकि पड़ोसी राज्य पंजाब में शिक्षकों को बेहतर वेतन और सुविधाएं मिल रही हैं। इसके अलावा अनुबंध आधार पर कार्यरत टीजीटी अध्यापकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को सुचारु बनाने की मांग भी की गई। महासंघ ने वर्ष में दो बार नियमितीकरण की प्रक्रिया आयोजित करने पर जोर दिया। सरकारी कर्मचारियों के लिए निर्धारित 4-9-14 वेतन विस्तार के लाभ को भी सभी टीजीटी अध्यापकों पर लागू करने की सरकार से मांग की गई, जिससे उन्हें समय-समय पर वेतन वृद्धि का लाभ मिल सके।
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सुरेंद्र कुमार बने अध्यक्ष
महासंघ की जिला कार्यकारिणी का भी गठन हुआ। इसमें सुरेंद्र कुमार को अध्यक्ष, खेचोग जंगपो को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, प्रियंका पटियाल को उपाध्यक्ष, राम पाल को महासचिव, नोरबू को सहसचिव, जवाहर लाल को वित्त सचिव और कुंदन शर्मा को प्रेस सचिव चुना।
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