उपायुक्त के आदेशों के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई, खतरे में डाली जा रही पर्यटकों की जान
घाटी के कटागला में हो रहा है आदेशों का उल्लंघन, टेंट में खाने-पीने की दी जा रही है सुविधा
गौरीशंकर
कुल्लू। प्रशासन के बार-बार आदेश के बाद भी मणिकर्ण घाटी में पार्वती नदी के किनारे कैंपिंग के लिए लगे टेंट नहीं हटाए जा रहे हैं। इससे सैलानियों की जान जोखिम में डाली जा रही है। यहां लोग नदी के किनारे टेंट लगाकर सैलानियों को खाने-पीने की सुविधा दे रहे हैं।
मानसून के मद्देनजर उपायुक्त ने नदी के किनारे बनाईं कैंपिंग साइटों को हटाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से इस संदर्भ में कार्रवाई करने को भी कहा है, लेकिन इसके बाद भी नदी के किनारे टेंट लगाए गए हैं। घाटी के कटागला में बड़े स्तर पर प्रशासन के आदेशों की अवहेलना की जा रही है। पर्यटन व्यवसाय से जुड़े बेलगाम लोगों पर कार्रवाई करता न तो पर्यटन विभाग दिखाई दे रहा है और न ही पुलिस विभाग इनके खिलाफ सख्त कदम उठा रहा है।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
मणिकर्ण घाटी के कटागला में ही पिछली बार बाढ़ आने से कटागला में कैंपिंग साइट और होमस्टे, ढाबे आदि बाढ़ की भेंट चढ़े थे। आधा दर्जन से अधिक लोग भी चपेट में आ गए थे। बावजूद इसके इस तरह की लापरवाही बरती जा रही है। इस बार भी बांध से पानी छोड़ने से नदी के किनारे पहुंचा पर्यटक पानी की चपेट में आया है।
नदी के किनारे टेंट और कुर्सी-टेबल लगाए
कटागला में पर्यटन कारोबारियों कैंपिंग साइट बनाकर टेंट लगाए हैं। यहां किनारों में पानी के भीतर भी टेबल और कुर्सियां लगाकर पर्यटकों को खाने-पीने की वस्तुएं परोस रहे हैं। ऐसे में पर्यटक भी पानी के बीच जाकर मस्ती कर रहे हैं।
नदी के किनारे कैंपिंग साइटों को हटाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। संबंधित विभागों को इस पर उचित कदम उठाने के लिए कहा गया है, जिससे किसी तरह का हादसा न हो। - तोरुल एस रवीश, उपायुक्त