कुल्लू। जनगणना कार्य के लिए गणित, अंग्रेजी, विज्ञान और अन्य विषयों के टीजीटी अध्यापकों की ड्यूटी लगाने के फैसले का हिमाचल प्रदेश सर्व टीजीटी महासंघ की कुल्लू इकाई ने कड़ा विरोध किया है। संघ का कहना है कि अध्यापकों का मूल दायित्व विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है और उन्हें लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने से विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
वर्तमान समय में विद्यार्थियों को गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों में विशेष शैक्षणिक मार्गदर्शन की आवश्यकता है। ऐसे में विषय अध्यापकों को जनगणना, चुनाव और अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगाने से विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं बाधित होती हैं और पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करने में कठिनाई आती है।
सर्व टीजीटी काडर की जिलाध्यक्ष गायत्री ठाकुर ने कहा कि शिक्षक संगठन समय-समय पर यह मांग उठाते रहे हैं कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से यथासंभव मुक्त रखा जाए, ताकि वे पूर्ण रूप से शिक्षण कार्य पर ध्यान केंद्रित कर सकें। अध्यापकों की अनुपस्थिति का सीधा प्रभाव विद्यार्थियों की पढ़ाई और शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ता है।