25 जून को आई आपदा में महिला ने खोए हैं बेटी और पति
शिक्षकों ने सामाजिक कर्तव्यों का किया पालन, सौंपी राशि
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। सैंज घाटी का बिहाली गांव आपदा की चपेट में आया है। गत 25 जून को जीवा नाला में बादल फटने के कारण गांव में तबाही मची थ्ज्ञी। गांव के तीन ग्रामीण बह गए थे।
इनमें एक किशोरी का शव मिला है जबकि उसके पिता और बुआ दो माह बाद भी लापता हैं। ऐसे में प्रभावित परिवार की मदद के लिए जिले के शिक्षक आगे आए हैं। शिक्षकों ने ऐच्छिक रूप से धनराशि एकत्रित की और मृतका किशोरी की माता को 51,000 रुपये की राशि सौंपी है।
गौर रहे कि जिले में भारी बारिश और लगातार भूस्खलन से हर उपमंडल में तबाही मची है। सैंज के बिहाली गांव का मंजर ही अलग रहा। एक साथ पिता-बेटी और बुआ बाढ़ में बह गए। भाई-बहन का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। ऐसे में प्रभावित परिवार की मदद के लिए शिक्षक वर्ग आगे आया है और मिलकर राशि एकत्र कर परिवार को सौंपी है।
उधर, गुणवत्ता शिक्षा एवं प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक डॉ. सुनील दत्त ने कहा कि शिक्षकों ने सामाजिक कर्तव्य का पालन करते हुए प्रभावित परिवार की मदद की है। शिक्षकों ने परिवार के लिए 51,000 रुपये की राशि एकत्रित ही है। यह राशि प्रभवित परिवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय करटाह में जाकर सौंपी गई है।