नियमों के उल्लंघन पर की कार्रवाई, बच्चों की सुरक्षा के लिए परिवहन विभाग अलर्ट
निरीक्षण के दौरान विभाग की ओर से तय मानकों की भी जांच की
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में प्राथमिक से लेकर वरिष्ठ माध्यमिक तक 101 निजी विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए बसों और अन्य वाहनों में क्या इंतजाम हैं। इसकी जांच के लिए औचक निरीक्षण किया जा रहा है। वहीं, परिवहन विभाग स्कूल बसों समेत छोटे वाहनों, जिनमें बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर ले जाने की व्यवस्था है, उन पर नजर बनाए है। नियमों का उल्लंघन करने वाले 18 स्कूल वाहनों के चालान इस शैक्षणिक सत्र में अब तक काटे गए हैं। गौर रहे कि अमर उजाला ने 23 अप्रैल के अंक में निजी स्कूल वाहनों में बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या है इंतजाम, होगी जांच शीर्षक से मामले को प्रमुखता से उठाया था।
नियमों के अनुसार स्कूल बसों या वाहनों में बच्चों को सीटों के हिसाब से ही बैठाना होता है। चालक लाइसेंस धारक और वर्दी में होना चाहिए। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए वाहनों में स्वास्थ्य किट उपलब्ध होनी चाहिए। वाहन नियमों के अनुसार 15 साल पुराना नहीं होना चाहिए और वाहन की पासिंग, इंश्योरेंस और सभी दस्तावेज सत्यापित होने चाहिए। नौनिहालों और छात्राओं की सुरक्षा के लिए बसों में महिला परिचालक या महिला शिक्षिका का होना भी स्कूल प्रबंधन को सुनिश्चित करना होता है, लेकिन देखने को मिलता है कि वाहनों में बैठने की क्षमता से अधिक बच्चों को बिठाया जाता है। स्वास्थ्य किट भी उपलब्ध नहीं होती है। बसों को बिना परिचालक चलाया जाता है। इन मुद्दों पर परिवहन विभाग अब लगाम कस रहा है। इस संबंध में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राजेश भंडारी ने कहा कि निजी स्कूल प्रबंधनों को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करना होता है। उन्होंने कहा कि कुछ निजी स्कूलों की बसों में नियमों का उल्लंघन हुआ है। इस कारण विभिन्न स्कूलों की 18 बसों के चालान काटे गए हैं।
कुल्लू में स्कूल बस का फोटो।-संवाद- फोटो : credit