कुल्लू। ई-रिक्शा अब रोजगार का नया माध्यम बनकर उभर रहा है। कुल्लू के रघुनाथपुर निवासी सुरिंद्र वर्मा ने जिले का पहला ई-रिक्शा अपनाकर न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाया है, बल्कि अपनी आमदनी में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है।
सुरिंद्र वर्मा पहले पेट्रोल से चलने वाला ऑटो चलाते थे। इससे ईंधन का खर्च काफी अधिक था। ई-रिक्शा अपनाने के बाद उनका खर्च काफी कम हो गया है। इससे उनकी आय में भी बढ़ोतरी हुई है। राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के तहत ई-टैक्सी के साथ-साथ ई-रिक्शा खरीदने पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। सुरिंद्र वर्मा ने कहा कि यह पहल स्वरोजगार को बढ़ावा देने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी लाभकारी है। ई-रिक्शा में बिजली का खर्च कम आता है। संचालन आसान है और इससे पर्यावरण को भी लाभ पहुंचता है। सरकार की इस योजना से प्रेरित होकर ही उन्होंने यह कदम उठाया। संवाद