कुल्लू। जिले में कड़ाके की ठंड में लोगों को पेयजल की किल्लत महसूस हो रही है। मुहान पंचायत के पकरेड़ गांव में यह समस्या तीन हफ्ते से चल रही है। गांव के 28 परिवार पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस गए हैं। पकरेड़ गांव को खनेरनाला से जोड़े गए मुख्य स्रोत पर जलशक्ति विभाग का चैंबर टूट गया है।
इससे पानी लीकेज हो रहा है। पानी का भंडारण न होने से सप्लाई नहीं जा पा रही है। इस कारण लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। सुबह-शाम खाना बनाने और अन्य कार्यों के लिए पानी का जुगाड़ करना चुनौती बन गया है। गांव के आसपास पानी की बावड़ी और नाला भी नहीं है।
जलशक्ति विभाग ने स्रोत से कम आ रहे पानी को देखते हुए गांव की घर-घर जाने वाली सप्लाई को रोक दिया है। अब गांव के 28 परिवारों के लोग सार्वजनिक नल पर निर्भर हो गए हैं। यहां भी पानी की मात्रा 75 फीसदी तक कम हो गई है। इसकी वजह स्रोत में जलशक्ति विभाग का चेंबर बताया जा रहा है।
ग्रामीण लीला प्रसाद, मूल चंद, कृष्ण चंद, चंद्र किशोर, फागनू राम, दिनेश चंद, महेंद्र सिंह, सुनीता देवी, रमेश कुमार, पूनम लता, ममता देवी, आशा देवी और नायकू देवी ने कहा कि पानी की समस्या करीब पांच से छह माह से चल रही है। जनवरी माह से यह समस्या और भी विकराल हो गई है।
कहा कि एक पानी की बालटी भरने के लिए दो घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। गांव के जल में पानी की सप्लाई 75 फीसदी तक घट गई है। उन्होंने कहा कि जलशक्ति विभाग पानी के स्त्रोत पर नए चेंबर का निर्माण करें।
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पशुओं के काम आ रहा वर्षा का जल संग्रहण
पकरेड़ गांव के लोग अपने लिए मुश्किल से पानी का जुगाड़ कर रहे है। छत के पानी का इस्तेमाल पशुओं के लिए किया जा रहा है। लोगों ने वर्षा जल संग्रहण के लिए टैंक बनाए हैं।
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खनेरनाला में जलशक्ति विभाग नया चैंबर का निर्माण करने जा रहा है। इसके लिए टेंडर कर दिया है और गांव को उचित मात्रा में पानी की सप्लाई दी जाएगी।
-किशोर शर्मा अधिशासी अभियंता, जलशक्ति विभाग