लाहौल के पट्टन घाटी में हालडा के मौके पर देवता को मशाल ले जाते एक महिला।-संवाद
केलांग/उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। मूलिंग से लेकर मयाड़ घाटी के खंजर और पांगी घाटी की ओर लाहौल के अंतिम गांव तिंदी तक हालडा उत्सव की धूम रही। गांवों में विभिन्न टोलियों ने मशालें हाथों में लिए बुरी शक्तियों को भगाने की परंपरा का निर्वहन किया। घाटी में बर्फबारी के बीच उत्सव मनाने का जोश ग्रामीणों में अलग ही होता है।
इस बार यह पर्व सूखे के बीच ही मनाया जा रहा है। बावजूद लोगों में पर्व को लेकर उत्साह कम नहीं हुआ है। वीरवार को लाहौल की पट्टन घाटी, मयाड़ और तिंदी क्षेत्र में हालडा उत्सव की धूम रही। हालडा उत्सव के 15 दिन बाद 10 फरवरी को फागली उत्सव मनाया जाएगा। 11 फरवरी को धरती पूजन होगा।
एक सप्ताह से अधिक समय तक फागली का सिलसिला जारी रहेगा। लाहौल-स्पीति के विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि इन त्योहारों से आपसी भाईचारे को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने लाहौल घाटी के लोगों को हालडा उत्सव की शुभकामनाएं भी दी। संवाद
लाहौल के पट्टन घाटी में हालडा के मौके पर देवता को मशाल ले जाते एक महिला।-संवाद