कुल्लू और मनाली नगर परिषद क्षेत्र में लगाए टेंडर, निजी संस्थाओं को सौंपा काम
पशुपालन विभाग ने भी छेड़ी लावारिस कुत्तों को एंटी रेबीज का टीका लगाने की मुहिम
एक महीने का रखा लक्ष्य, अब तक करीब 1500 कुत्तों को लगाया एआरबी का टीका
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। लावारिस कुत्तों की समस्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद जिला प्रशासन और नगर निकाय हरकत में आ गए हैं। कुल्लू और मनाली नगर परिषद क्षेत्र में 400 लावारिस कुत्तों की नसबंदी को लेकर टेंडर लगा दिए गए हैं।
निजी संस्थाओं को काम अवार्ड कर दिया है। ऐसे में संस्था एक सप्ताह के भीतर नसबंदी का कार्य आरंभ करेगी। दूसरी तरफ पशुपालन विभाग ने भी लावारिस कुत्तों को एंटी रेबीज का टीका लगाने के लिए विशेष मुहिम छोड़ दी है। इसके तहत जिले में दो हजार लावारिस कुत्तों को एंटी रेबीज का टीका लगाने का लक्ष्य रखा है। एक महीने के भीतर यह लक्ष्य पूरा किया जा रहा है। इसके तहत विभाग ने अब तक करीब 1500 कुत्तों को एआरबी का टीका लगा दिया है और चंद दिनों में शेष लावारिस कुत्तों को भी टीका लगाने का कार्य पूरा कर दिया जाएगा। पशु पालन विभाग के उप निदेशक रवि ठाकुर का कहना है विभाग ने 2000 लावारिस कुत्तों को एआरबी टीका लगाने का लक्ष्य रखा है। इसे चंद दिनों में पूरा कर लिया जाएगा।
स्कूल और कॉलेज की कमेटियां बनाना शुरू
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जिला के शिक्षण संस्थानों और अन्य सार्वजनिक स्थानों में लावारिस कुत्तों की रोकथाम के लिए कमेटियों का गठन करना शुरू कर दिया है। हालांकि अभी तक कई शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों में सुरक्षा दीवार का कार्य नहीं हुआ है लेकिन इसको लेकर योजनाएं बनाने पर मंथन शुरू हो गया है।
आश्रय के लिए जगह की तलाश
नगर परिषद कुल्लू ने लावारिस कुत्तों के लिए आश्रय बनाने को लेकर जगह की तलाश शुरू कर दी है लेकिन अभी तक उपयुक्त जगह नहीं मिल पाई है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार नगर निकाय को लावारिस कुत्तों के लिए आश्रय बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
लावारिस कुत्तों की नसबंदी को लेकर टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मनाली की एक संस्था को इसका काम सौंप दिया गया है। जल्द यह संस्था अपना कार्य शुरू करेगी। इसके साथ आश्रय बनाने को लेकर जगह की तलाश शुरू कर दी है। - बीआर नेगी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद कुल्लू