उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। त्रिलोकनाथ में राज्य स्तरीय पोरी मेले का शुक्रवार को विधिवत पूजा-अर्चना के साथ आगाज हो गया है। मेले में सिर्फ देव परंपराओं का निर्वहन किया गया जबकि सांस्कृतिक, खेलकूद और अन्य गतिविधियां रद्द की गई हैं। किशोरी गांव के अग्निवीर जवान अरुण को श्रद्धांजलि देते हुए पोरी मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या और खेल गतिविधियां रद्द की गई हैं। ऐसे में मेले में पूर्व की तरह विधि विधान से देव कारज का निर्वहन किया है। मेले के शुभारंभ पर भगवान त्रिलोकनाथ मंदिर प्रांगण से सातधारा की ओर शोभायात्रा की रवानगी पूरे विधि विधान के साथ की गई। शाम तकरीबन 5:30 बजे सातधारा की ओर धार्मिक रस्मों की अदायगी को निकले लोग वापस हिंसा गांव पहुंचे। यहां थोड़ा विश्राम के बाद त्रिलोकीनाथ मंदिर परिसर पहुंचे। मंदिर में विधिवत् पूजा पाठ के साथ देव कारज का निर्वहन किया गया। पोरी मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं एसडीएम उदयपुर अलीशा चौहान ने बताया कि पोरी मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या और खेल गतिविधियां किशोरी गांव के जवान अरुण को श्रद्धांजलि देते हुए रद्द की गई हैं। उन्होंने बताया कि अब शनिवार और रविवार को सांस्कृतिक संध्या और खेल गतिविधियां होंगी। बता दें कि पोरी मेले के आखिरी दिन रविवार प्रातः त्रिलोकनाथ से मणिमहेश की ओर श्रद्धालुओं का एक बड़ा जत्था रवाना होगा।