कुल्लू में नवसंवत के मौके पर सुल्तानपुर में भगवान रघुनाथ की पूजा-अर्चना करते पुजारी व छड़ीबदार
कुल्लू। हिंदू नववर्ष (संवत) 2083 की शुरुआत में वीरवार को हुई। जिले में साल का आगाज मुंह मीठा कर किया। पुरोहितों की ओर से जगह-जगह पर सालभर का भविष्यफल सुनाया गया। नव संवत से साल की शुरुआत मानी जाती है। वीरवार को पौ फटने से पहले घरों में गुड़ खाकर साल का आगाज किया गया। नव संवत पर अंधेरा छंटने से पहले गुड़ खाने की परंपरा है।
मान्यता है कि मीठे से साल का आगाज करने पर साल भर परिणाम अच्छा रहता है। इसके बाद घरों में मीठे पकवान तैयार किए गए। पकवानों का भोग देवताओं को लगाने के बाद मेहमानों को परोसा गया। मीठे पकवान में चिलड़ आदि खास रहे। इसके बाद पुरोहितों की ओर से सालभर की भविष्यफल सुनाया गया।
सालभर में फसल कैसी रहेगी और बारिश की स्थिति क्या है, इसके बारे में बताया गया। यजमानों के घरों में ब्राह्मणों ने इस परंपरा का निर्वहन किया। लगघाटी के शालंग निवासी ज्योतिषी पंडित कुबेर दत्त शर्मा ने कहा कि नव संवत का नवरात्रों से आगाज होता है। नवरात्र के दौरान माता के नौ रूपों की पूजा की जाएगी। कुल्लू में नव संवत पर सालभर का भविष्यफल सुनाया है। संवाद