खराहल (कुल्लू)। घाटी में सेब सीजन अंतिम चरण में पहुंच गया है। अब बागवान अपने बगीचों में पेड़ों को संवारने में जुट गए हैं। विशेषज्ञों ने तुड़ान के बाद बागवानों को बगीचों में ब्लाईटॉक्स दवा (काॅपर ऑक्सी क्लोराइड) का छिड़काव करने की सलाह दी है। बागवानी विशेषज्ञों का कहना है कि बगीचों में पेड़ों के स्पर और टहनियों के टूटने से कई बीमारियां पनप सकती हैं। इससे निजात पाने के लिए बागवानों को समय रहते तुड़ान के बाद कॉपर ऑक्सी क्लोराइड दवा की स्प्रे करनी चाहिए।
जिले के निचले अधिकांश इलाकों में सेब का तुड़ान खत्म हो गया है या अंतिम चरणों में पहुंच गया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अभी सेब सीजन अक्तूबर तक चलने की संभावना है। घाटी के बागवानों अमित, चमन, कर्मचंद, रामनाथ, जयचंद, देव राज नेगी का कहना है कि निचले इलाकों में सेब का सीजन लगभग खत्म हो चुका है।
बगीचों में देरी से पकने वाली सेब वैरायटी का तुड़ान चल रहा है। अक्तूबर के अंतिम पखवाड़े तक सेब तुड़ान खत्म हो जाएगा। इस संबंध में बागवानी विभाग के उपनिदेशक राज कुमार ने कहा कि जिन बगीचों में बागवानों ने सेब और अन्य फलों का तुड़ान कर लिया है, उनमें बागवान काॅपर ऑक्सी क्लोराइड 600 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी में घोल बनाकर बगीचों में छिड़काव करें। इससे कैंकर और अन्य बीमारी से निजात मिलेगी। संवाद