गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशु कुपोषण का शिकार न हों, इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में प्रशिक्षण कार्यशाला में हाल ही में नियुक्त आशा कार्यकर्ताओं को विशेष जानकारी प्रदान की गई। कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणजीत ठाकुर विशेष तौर पर उपस्थित रहे।
उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को उनके छोटे से लेकर बड़े कार्यों तक सभी से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता प्रारंभिक चिकित्सक है। मरीज के उपचार और देखभाल का सबसे पहले आशा कार्यकर्ता का ही है। स्वास्थ्य केंद्रों में तो मरीज उपचार के लिए बाद में पहुंचते हैं। पहले वे आशा के भरोसे ही रहते हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेश ने कहा कि छोटे बच्चों की गृह आधारित देखभाल में आशा कार्यकर्ता की अहम भूमिका होती है। उन्होंने पूरक आहार, खनिज तत्वों वाले भोजन की उपलब्धता व टीकाकरण पर विस्तार से जानकारी दी।