कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान लोगों को रात के समय घर पहुंचाने के लिए चलाई गईं स्पेशल बसों को अब नियमित रूटों पर भेज दिया गया है। उत्सव समिति की ओर से इस बार 30 इलेक्ट्रिक बसें विशेष रूप से तैनात की गई थीं।
मांग के अनुसार इन बसों को अलग-अलग रूटों पर चलाया जा रहा था, जिससे लोगों को रात 10 बजे के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने के उपरांत अपने घर लौटने में काफी सहूलियत मिली।
गड़सा घाटी के प्रवीण कुमार, पवन और दिनेश ने बताया कि इस बार स्पेशल बस सेवा के कारण क्षेत्र के काफी लोग देर रात को ही अपने घर पहुंच सके। पहले देर रात बस सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण दशहरा उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने के बाद घर लौटना मुश्किल हो जाता था।
इस बार सात दिन तक विशेष बसों की सुविधा मिलने से लोगों को काफी राहत मिली। हिमाचल पथ परिवहन निगम के उपमंडलीय प्रबंधक डीके नारंग ने बताया कि इस बार पहली बार आनी, बंजार, गड़सा, मणिकर्ण और सैंज के लिए विशेष बसें चलाई गई थीं। इनमें आनी और बंजार के लिए दो-दो, गड़सा के लिए दो व मणिकर्ण और सैंज के लिए एक-एक बस तैनात की गई थी। इन बसों से लोगों को आने-जाने में सुविधा मिली।
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव संपन्न होने के बाद अब सभी स्पेशल बसों को उनके नियमित रूटों पर वापस भेज दिया गया है।