कुल्लू/केलांग। मौसम का मिजाज बिगड़ते ही लाहौल घाटी में बर्फबारी का क्रम शुरू हो गया है। वीरवार दोपहर बाद तक लाहौल में बर्फबारी का क्रम जारी रहा। कुल्लू की ऊंची चोटियों पर बर्फ के फाहों के साथ, निचले क्षेत्रों में सुबह के समय हल्की बूंदाबांदी हुई। पिछले दो दिनों में 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा में 45 सेंटीमीटर, कोकसर में 30 सेंटीमीटर, केलांग में 15 सेंटीमीटर तक ताजा हिमपात हुआ है। ताजा हिमपात के बाद लाहौल में कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। ऐसे में लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। वहीं घाटी में बर्फबारी के बाद पारा फिर लुढ़क गया है।
खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर उड़ानें भी दो दिनों से नहीं हो पाई हैं। हेलीकॉप्टर सीट के लिए कई लोगों ने उड़ान समिति के पास आवेदन किया हुआ है। गौर रहे कि पिछले 18 घंटों से लाहौल घाटी में रुक-रुककर बर्फबारी का दौर जारी है। घाटी के रिहायशी इलाकों में ही अब तक 10 से 30 सेंटीमीटर तक ताजा बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है। मंगलवार रात से घाटी में हिमपात का दौर शुरू हुआ जो बुधवार दोपहर तक जारी रहा। गौशाल में 12, दारचा में 18 सेंटीमीटर, मयाड़ घाटी में करीब 20 सेंटीमीटर हिमपात हुआ है। बर्फबारी के कारण केलांग से चंद्राघाटी की तरफ जाने वाली सड़क में सफर जोखिम भरा हो गया है। ताजा बर्फबारी से ग्लेशियरों के गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर लोगों को सावधानी बरतने को कहा है। वहीं दूसरी ओर कुल्लू में आसमान में दिनभर बादल छाए रहे। ऐसे में लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। अधिकतर लोग ठंड के चलते घरों में दुबके रहे।
घाटी के बागवानों ने इन दिनों सेब बगीचों का रुख किया है। लेकिन ठंड के चलते किसानों-बागवानों का कार्य प्रभावित हुआ है। लाहौल के सहायक आयुक्त अमर नेगी ने कहा कि घाटी में मंगलवार रात से बर्फबारी हो रही है, जिससे पारा लुढ़क गया है। उन्होंने कहा कि बर्फबारी के बावजूद घाटी में शिक्षण संस्थान सुचारू रूप से चल रहे हैं। ठंड के बावजूद बच्चे स्कूल पहुंच रहे हैं।