रोहतांग दर्रे में बर्फबारी के कारण शेष दुनिया से कटे जिला लाहौल-स्पीति को जोड़ने का काम सीमा सड़क संगठन एक मार्च से शुरू करेगा। निर्धारित तिथि से संगठन के जवान बर्फ हटाओ अभियान में जुट जाएंगे। अभी तक मनाली के छोर से सीमा सड़क संगठन की मशीनें ताजा बर्फ हटाते हुए मढ़ी छूने वाले हैं। सीमा सड़क संगठन का लक्ष्य है कि इस बार मढ़ी और कोकसर तक पूरी सर्दी बर्फ हटाने का काम जारी रहेगा। ताकि भारी बर्फबारी की स्थिति में रोहतांग दर्रा बहाली में ज्यादा समय न लगे।
38 बीआरटीएफ के जवान पहली बार मढ़ी से पूजा अर्चना के साथ एक मार्च को रोहतांग टॉप निकलेंगे। इसी टीम का दूसरा काफिला उसी दिन कोकसर से टॉप की ओर कूच करेगा। 38 बीआरटीएफ के कमांडर कर्नल केपी राजेंद्र ने बताया कि पूर्व में रोहतांग में बर्फ हटाने का काम एक मार्च से मनाली की ओर से गुलाबा, लाहौल की ओर से स्तींगरी से शुरू किया जाता था। इस बार रोहतांग टॉप बहाली का अभियान मढ़ी और कोकसर से एक मार्च से शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चंद्रा नदी पर निर्माणाधीन 70 मीटर लंबे कोकसर पुल का जुलाई-अगस्त माह में लोकार्पण किया जाएगा। इस पुल के बन जाने से लाहौल, पांगी घाटी के लोगों को ही नहीं बल्कि सेना के काफिले दनादन लाहौल होते हुए लेह के लिए निकलेंगे।