हजारों परिवारों की रोटी का जरिया पर्यटन कारोबार कुल्लू-मनाली में मंदा पड़ चुका है। आलम यह है कि होटलों में 70 फीसदी तक कमरे खाली पड़े हैं। होटल व्यवसायी पर्यटकों को तीस से पचास फीसदी तक डिस्कांउट दे रहे हैं।
व्यवसायियों का कहना है कि पिछले साल की अपेक्षा इस साल उनका करीब 30 फीसदी कारोबार पहले ही प्रभावित हो चुका है। इन दिनों भी कुल्लू- मनाली के होटलों में 60 से 70 फीसदी कमरे खाली पड़े हैं। पर्यटन व्यवसायियों का कहना है कि हवाई सेवाएं बंद होने और सड़कों की बदहाल स्थिति भी कारोबार को प्रभावित कर रही है।
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप ठाकुर ने बताया कि हवाई सेवाएं बंद होने और सड़कों की खस्ता हालत से करीब 30 फीसदी कारोबार प्रभावित हुआ है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए होटल व्यवसायी 30 से 50 फीसदी तक छूट देने को मजबूर हैं। बताया कि मनाली में होटलों के कमरे 60 और 70 फीसदी खाली चल रहे हैं।
एचपीटीडीसी के सहप्रबंधक मोहन शर्मा ने बताया कि मार्च माह में पर्यटकों को 30 प्रतिशत तक डिस्कांउट दिया जा रहा है। इसके अलावा पर्यटकों को पैकेज की सुविधा भी मुहैया करवा रहे हैं। जिला पर्यटन अधिकारी विनय धीमान ने माना कि हवाई सेवाएं बंद होने से पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है।
उन्होंने बताया कि जिला में पर्यटकों को बेहतर सुविधा मुहैया करवाने के प्रयास जारी हैं। पार्किंग और शौचालयों की उचित व्यवस्था की जा रही है। अभी सोलंगनाला के लिए पर्यटक जा रहे हैं। रोहतांग खुलने पर पर्यटक वहां की वादियों में बर्फ का आनंद ले पाएंगे।
अब समर सीजन से उम्मीद
पर्यटन कारोबारियों को अब समर सीजन में कारोबार चमकने की उम्मीद है। मनाली-लेह मार्ग खुलते ही रोहतांग के दीदार को हजारों की तादाद में सैलानियों के पहुंचने की उम्मीद है। कारोबारियों ने सीजन को कैश करने के लिए तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। उम्मीद जताई की अप्रैल माह में बर्फ के दीदार को भारी मात्रा में पर्यटक कुल्लू और मनाली पहुंचेंगे।