उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जाहलमा नाले में आई बाढ़ से बंद पड़ा संसारी-किलाड़-थिरोट-तांदी (एसकेटीटी) मार्ग 48 घंटे बाद बुधवार दोपहर यातायात के लिए बहाल कर दिया गया।
बीआरओ ने नाले में आरसीसी पाइप बिछाकर अस्थायी सड़क तैयार की, जिसके बाद करीब 400 वाहनों को आर-पार कराया गया और लोगों ने राहत की सांस ली। मार्ग सोमवार दोपहर बाद 2:40 बजे बंद हुआ था, जबकि बुधवार दोपहर बाद 3:21 बजे बीआरओ ने इसे बहाल कर दिया।
बीआरओ ने बुधवार सुबह मार्ग बहाल करने का कार्य शुरू किया और दोपहर बाद इसे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया। मार्ग बंद होने से लाहौल की 14 पंचायतों के साथ पांगी क्षेत्र का संपर्क भी कट गया था।
जाहलमा नाले के दोनों ओर छोटे-बड़े करीब 400 वाहन फंस गए थे। इनमें करीब 100 पिकअप और अन्य वाहन सब्जियों से लदे थे। मार्ग बहाल होते ही सबसे पहले सब्जियों से भरे वाहनों को निकाला गया, उसके बाद अन्य वाहनों को आर-पार कराया गया।
उधर, स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर रोष है कि 48 घंटे के भीतर प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौके पर पहुंचकर किसानों, व्यापारियों और अन्य लोगों की समस्याएं जानने नहीं आया। उनका कहना है कि जब तक जाहलमा नाले पर निर्माणाधीन पुल तैयार नहीं हो जाता, तब तक हर बारिश में लाहौल की 14 पंचायतों के लोगों को ऐसी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
बता दें कि 25 मई की रात भूस्खलन और चट्टानें गिरने से जाहलमा पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद बीआरओ ने यहां अस्थायी सड़क बनाई थी लेकिन नाले में बाढ़ आने पर यह बार-बार प्रभावित हो रही है।
उधर, बीआरओ-94 के ओसी मेजर पारस ने बताया कि जाहलमा नाले की अस्थायी सड़क बुधवार को यातायात के लिए बहाल कर दी गई। सड़क खुलते ही सबसे पहले सब्जियों से लदे वाहनों को निकाला गया।