कुल्लू। आपदा से प्रभावित शरची और बंदल के लोगों की मुसीबतें अभी तक कम नहीं हो पाई हैं। सरकार और प्रशासन भले ही हालात सामान्य करने के दावे कर रहे हों लेकिन इन गांवों में अभी तक स्थिति नहीं बदल पाई है। गांव को जोड़ने वाली सड़क अभी तक बहाल नहीं हो पाई है और न ही प्रभावितों को अभी तक मुआवजा मिल पाया है। जाहिर है कि आपदा के छह महीने बीत जाने के बाद भी दोनों गांवों में स्थिति में कोई सुधार नहीं हो पाया है। अब थक हारकर ग्रामीण उपायुक्त कुल्लू के दरबार पहुंचे और उन्हें समस्या से अवगत करवाया। ग्रामीणों ने कहा कि शरची को जाने वाली सड़क अभी बंदल तक ही छोटे वाहनों के लिए बहाल हो पाई है जबकि शरची क्षेत्र के लोगों को अभी भी पैदल सफर करना पड़ रहा है। सड़क बहाली का कार्य भी धरातल पर नहीं चल रहा है। इससे खासकर बच्चों को स्कूल और कॉलेज जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आपदा में घर और जमीन का नुकसान झेलने वाले लोगों को अभी तक मुआवजे के नाम पर एक रुपये भी नहीं मिल पाया है। इससे न तो ग्रामीण अपने घर बनाने का काम कर पा रहे हैं और न ही अपने परिवार को ठीक से किराये के कमरे में रख पा रहे हैं।
ग्रामीण हीरामणि, कला देवी, निर्मला देवी, शिवा शर्मा का कहना है कि उन्हें बच्चों की चिंता सता रही है। अभी तक सड़क बहाल न होने के कारण उन्हें किराये के कमरे लेकर बच्चों को पढ़ाना पड़ रहा है। इससे उन्हें दोहरा नुकसान हो रहा है, प्रशासन और नेताओं के सामने समस्या सुनाकर वह अब थक चुके हैं परंतु अभी तक कोई हल नहीं हो पाया है।
लोगों का कहना है कि आपदा प्रभावितों को मुआवजा देने के लिए सरकार ने मंडी में एक बड़ा आयोजन किया था और उस दिन प्रभावितों को आठ लाख रुपये सहायता देने की घोषणा की थी परंतु खाते में एक रुपये भी नहीं आया है।
सरकार ने आपदा में घर गंवाने वाले प्रभावितों को आठ लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की थी लेकिन अभी तक बंदल और शरची गांव के प्रभावितों के खातों में एक रुपया तक नहीं आया है। सड़क की स्थिति दयनीय बनी हुई है।
-दिनेश्वर प्रसाद, प्रभावित
हम 2023 की आपदा से प्रभावित हैं। हालांकि उस समयय एक-एक लाख रुपये देकर सरकार ने प्रभावितों को औपचारिकता निभाने का काम किया था परंतु 2025 की आपदा में हुए नुकसान का अभी तक एक रुपया मुआवजा नहीं मिल पाया है। मेरा एक मकान और होमस्टे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
-उदय शर्मा, प्रभावित
शरची की सड़क अभी तक बहाल नहीं हो पाई है। इससे हमें बच्चों को स्कूल और कॉलेज भेजने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें पढ़ाने के लिए किराये का कमरा लेना पड़ रहा है। जिससे उन्हें बच्चों के भविष्य की भी चिंता सता रही है।
-हीरामणि, प्रधान महिला मंडल शरची
ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं और उनकी समस्या जल्द-से जल्द दूर हो, इसको लेकर प्रशासन कार्रवाई कर रहा है।
-तोरूल एस रवीश, उपायुक्त कुल्लू