जनवरी के बजाय इस बार अक्तूबर में सफेद हो गईं हसीन वादियां
100 दिनों बाद बढ़ने लगी रौनक, मनाली,मणिकर्ण में आ रहे 650 पर्यटक वाहन
मनाली आने के लिए पूछताछ के साथ दिवाली को बुक होने लगे होटल
रोशन ठाकुर
कुल्लू। आपदा ने कुल्लू को गहरे जख्म दिए हैं। आपदा ने आम जनजीवन के साथ जिले की मुख्य आर्थिकी बागवानी और पर्यटन कारोबार को भी भारी चोट पहुंचाई है।
आपदा के जख्म भरने के लिए 100 दिन बाद आसमान से बर्फ की चांदी बरसी है। इस बार जनवरी के बजाय तीन माह पहले अक्तूबर में ही कुल्लू-मनाली की हसीन वादियां सफेद हो गई हैं। सैलानियों को अपनी ओर बुला रही हैं। इससे कुल्लू, मनाली और लाहौल के पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिल गए हैं। पहाड़ों में बर्फ गिरने की सूचना मिलते ही देशभर के पर्यटकों ने कुल्लू-मनाली आने का मन बना लिया है। होटलों और होमस्टे संचालकों को फोन आना शुरू हो गए हैं। दिवाली तक बुकिंग आने लगी है।
पर्यटन कारोबारी एवं सोझा होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रकाश, पर्यटन कारोबारी गौतम ठाकुर ने कहा कि आपदा के दौरान जिले में सैकड़ों करोड़ को नुकसान हुआ है। लगभग 100 दिन बाद घाटी में पर्यटक आने लगे है। रोहतांग दर्रा, अटल टनल रोहतांग, मढ़ी और कोकसर में बर्फबारी पर्यटन कारोबार को पंख लगाएगी। दशहरा से बाद से पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। दशहरा के बाद होटलों की ऑक्यूपेंसी 20 से 25 फीसदी तक है।
मनाली, मणिकर्ण और बंजार आ रहे 650 पर्यटक वाहन
अक्तूबर से जिले में करीब 650 पर्यटक वाहन रोज पहुंच रहे हैं। ग्रीन टैक्स मनाली में करीब 300 पर्यटक वाहनों की एंट्री हो रही है। मणिकर्ण के कसोल में लगे साडा के बैरियर में भी 250 वाहनों की एंट्री हो रही है। करीब 100 वाहन बंजार घाटी में पहुंचे रहे हैं। मणिकर्ण में तीन दिन से यह संख्या बढ़ी है।
छुट्टी पर भेजे कर्मचारियों को बुलाया वापस
आपदा के समय जिले के 1,600 होटलों और 1,400 होमस्टे में से 70 फीसदी में ताले लग गए थे। मंडी से मनाली तक हाईवे वाहनों के लिए बहाल हो गया है। स्थिति सामान्य होने से पर्यटक कुल्लू-मनाली, बंजार, मणिकर्ण आने लगे हैं। बंद होटलों के ताले खुल गए हैं और साफ-सफाई का काम चल रहा है। होटल संचालकों ने छुट्टी पर भेजे कर्मचारियों को भी बुलाना शुरू कर दिया है।
साहसिक पर्यटन गतिविधियां भी शुरू
एक अक्तूबर से साहसिक पर्यटन गतिविधियां शुरू हो गई है। ब्यास की धारा में रिवर राफ्टिंग, जिप लाइन और पैराग्लाइडिंग शुरू हो गई है। आपदा के कारण इस बार साहसिक गतिविधियां दो की जगह ढाई माह तक बंद रखी गई थीं।