सुनसान नजर आ रही देसी-विदेशी पर्यटकों से भरी रहने वाली पर्यटन नगरी
सड़कों की जगह बह रही ब्यास की जलधारा, मोबाइल नेटवर्क भी न के बराबर
हर ओर तबाही का मंजर, कुल्लू से मनाली तक 16 जगह तबाह हुआ है एनएच
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। देसी-विदेशी पर्यटकों से गुलजार रहने वाली मनाली आज सुनसान है। शहर में सन्नाटा पसरा है। शहर के चारों ओर तबाही का मंजर है। 25 अगस्त को आई आपदा ने सब निगल लिया।
ब्यास में आई बाढ़ के निशान भयावह करने वाले हैं। जहां सड़क थी, वहां अब ब्यास की जलधारा बह रही है। मनाली शेष विश्व से कट गई है। मोबाइल नेटवर्क भी न के बराबर है। सिग्नल न होने से इंटरनेट सेवा तो दूर ठीक से बात भी नहीं हो पा रही। मनाली में फंसे पर्यटक लौटने लगे हैं।
आपदा से मनाली को जोड़ने वाले सभी मार्ग बंद हो गए हैं। नेशनल हाईवे मनाली से कुल्लू तक लगभग 16 जगह तबाह हुआ है। वामतट मार्ग भी सड़क धंसने से बंद है। मनाली-लेह मार्ग मनाली के समीप समाहन वशिष्ट चौक में तहस-नहस हुआ है।
ओल्ड मनाली का पुल ढहने से नेहरुकुंड होकर भी यातायात बंद है। आपदा के कारण मनाली में सैकड़ों देसी-विदेशी पर्यटक फंस गए। अब मौसम खुलने पर पर्यटक अपना सामान उठाकर पैदल लौटने लगे हैं। मनाली से अलेऊ तक लगभग पांच किलोमीटर का सफर पैदल तय करने के बाद टैक्सी से पर्यटक कुल्लू पहुंच रहे हैं। वीरवार को भारी संख्या में विदेशी पर्यटक मनाली से रवाना हुए। करीब पांच दिन से मनाली में गैस की सप्लाई नहीं पहुंची। सब्जियां, दूध, ब्रेड, अंडे आदि जरूरी वस्तुओं का संकट हो गया है। करोड़ों की सेब की फसल मंडियों में भेजने के लिए तैयार हैं। तुड़ान न होने से बागवानों को सेब की ड्रॉपिंग का भय सताने लगा है। बाढ़ से कहां कितना नुकसान हुआ इसकी अभी तक स्टीक जानकारी भी नहीं है। प्रशासन नुकसान का आकलन करने में जुटा है। एसडीएम रमण कुमार शर्मा ने कहा कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
पर्यटकों के लिए मुसीबत बने बंद मार्ग
कुल्लू। भारी बारिश से मची तबाही के बाद भले ही मौसम साफ हो गया हो लेकिन बंद मार्ग पर्यटकों के लिए अभी भी मुसीबत बने हुए हैं। इस कारण पर्यटक नहीं लौट पा रहे हैं। मनाली, बंजार और मणिकर्ण से कई सैलानी पैदल और बीच में वाहन लेकर अपने घर जाने लगे हैं मगर कुल्लू से मंडी के बीच हाईवे बंद होने से उन्हें परेशानी होना पड़ रहा है। लाहौल के सिस्सू, मनाली, मणिकर्ण, बंजार के सोझा, जिभी व तीर्थन क्षेत्र में करीब 1500 पर्यटक फंसे हैं। जिला लाहौल-स्पीति और कुल्लू से बाहर जाने के लिए सभी रास्ते बंद हैं। कुल्लू-मंडी मार्ग भी पर्यटकों को जिले से बाहर नहीं जाने दे रहा है। सभी सैलानी सुरिक्षत हैं। लाहौल प्रशासन ने सभी को हेामस्टे और होटलों में ठहराया है।