पर्यटन निगम के होटलों में महज 50 फीसदी रह गई ऑक्यूपेंसी
15 मई के बाद मनाली का पर्यटन सीजन पकड़ सकता है रफ्तार
संजय भारद्वाज
मनाली (कुल्लू)। भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनाव का असर मनाली के पर्यटन कारोबार पर देखने को मिल रहा है। हवाई सेवाएं बंद होने और कई शहरों में ब्लैक आउट के चलते कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता।
ऐसे में समर सीजन के लिए होने वाली बुकिंग की रफ्तार जहां थम गई है। वहीं, कई बुकिंग रद्द भी हो गई है। इस सप्ताह वीकेंड में भी पर्यटन कारोबार 50 फीसदी से नीचे लुढ़क गया है। वहीं दोनों देशों में शनिवार शाम से लागू सीजफायर से पर्यटन कारोबारी को फिर से कारोबार में उछाल की उम्मीद जग गई है।
ग्रीन टैक्स बैरियर के आंकड़ों को लें, तो शुक्रवार को लगभग 900 पर्यटक वाहन मनाली आए। दो सप्ताह पहले यह आंकड़ा 2,000 के करीब पहुंच गया था। वोल्वो बसों का संचालन हालांकि जारी है, लेकिन पर्यटकों की संख्या में काफी कम है। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि होटल बुकिंग में अचानक गिरावट आई है और कई पर्यटक अपनी आगामी यात्रा की बुकिंग रद्द भी करवा रहे हैं। 20 से 25 फीसदी बुकिंग रद्द होने का अनुमान है। होटलियर एसोसिएशन मनाली के निवर्तमान अध्यक्ष मुकेश ठाकुर ने बताया कि कुछ दिन पहले तक मनाली में पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही थी। पहलगाम आतंकी हमला और अब भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव से बुकिंग कम हुई है। अमूमन 15 मई के बाद मनाली का पर्यटन सीजन रफ्तार पकड़ता है। इसके लिए बुकिंग शुरू हो गई थी, लेकिन दो दिन से बुकिंग का सिलसिला थम सा गया है। वोल्वो बस यूनियन की चेयरमैन लाजवंती का कहना है कि बसें तो चल रही हैं। रोजाना लगभग 200 बसें आ रही हैं, लेकिन पर्यटकों की संख्या काफी कम हो गई है। हिमाचल पर्यटन विकास निगम के उपमहाप्रबंधक बीएस ओक्टा ने कहा कि निगम के होटलों की आक्यूपेंसी 50 फीसदी ही रह गई है। संवाद