कुल्लू। दिवाली उत्सव पर जिले में बिना एक्सपायरी डेट दर्शाए दुकानों पर मिठाइयां बिकती रहीं। मिठाई की दुकानों पर स्वास्थ्य नियमों को ठेंगा दिखाया गया।
दुकानदारों ने मिठाइयों की ट्रे में उनके दाम तो दर्शाए थे, लेकिन कौन सी मिठाई कब तक उपयोग में लाई जा सकेगी, इस तरह के इंतजाम नहीं किए थे। यानी एक्सपायरी डेट नही दर्शाई थी।
अधिकतर दुकानों पर मिठाइयां डिब्बों में पहले से ही पैक कर रखी थीं। ग्राहक की डिमांड पर सीधे उसे बिना मापतोल और इस्तेमाल की तिथि के डिब्बा थमा दिया जाता रहा।
लोगों की सेहत पर दुकानदारों की ओर से बरती गई लापरवाही भारी पड़ सकती है। जिले में मिठाई की ऐसी कोई दुकान नहीं थी, जिसमें खरीदार न हों, लेकिन ग्राहकों को मिठाई के रूप में मिलावट परोसी गई है या गुणवत्ता, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।
दिवाली के दिन हर एक दुकान में काउंटर हटाकर मिठाइयां खुले में बेची गईं। दुकानदारों की लापरवाही पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और खाद्य सुरक्षा की निगरानी टीम का ध्यान भी नहीं गया। संवाद
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लोगों से आग्रह किया गया था कि बिना एक्सपायरी डेट देखे मिठाइयों की खरीदारी न करें। दुकानदारों को मिठाइयों की ट्रे में उनकी एक्सपायरी डेट दर्शाने के निर्देश दिए गए थे। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मिठाइयों के सैंपल पांचों चिकित्सा खंडों से उठाए गए हैं।
-भविता टंडन, खाद्य सुरक्षा कमिश्नर