अटल टनल रोहतांग के साउथ पोर्टल में पहुंची पर्यटको की भीड़।-संवाद
बीते दिनों हुई ताजा बर्फबारी के बाद यातायात के लिए बंद हो गया था शिंकुला दर्रा
लद्दाख के जांस्कर क्षेत्र में फंसे थे कई सैलानी, दर्रा खुलने से मिली लोगों को राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। सीमा सड़क संगठन ने कड़ी मशक्कत के बाद बुधवार दोपहर बाद शिंकुला दर्रा को फोर बाई फोर वाहनों के लिए बहाल कर दिया है।
पिछले दिनों हुई भारी बर्फबारी के कारण शिंकुला दर्रा यातायात के लिए बंद हो गया था। दर्रा बहाल होने के बाद लद्दाख के जांस्कर क्षेत्र में फंसे कई पर्यटक सुरक्षित लाहौल पहुंच गए हैं। ये पर्यटक बर्फबारी के कारण पिछले पांच दिन से जांस्कर में फंसे थे। दर्रा बहाल होने के बाद घाटी के लोगों के साथ सैलानियों को भी राहत मिली है।
सीमा सड़क संगठन की योजक परियोजना ने बुधवार को दोपहर बाद 16,580 फीट ऊंचे शिंकुला दर्रा से बर्फ हटाकर दारचा-पदम सड़क को यातायात के लिए बहाल कर दिया है। घाटी में पिछले दिनों हुई ताजा बर्फबारी के बाद दारचा-शिंकुला-जांस्कर बंद हो गया था। इस कारण जांस्कर घाटी में 40 से 50 सैलानी फंस गए थे। सैलानियों के साथ जांस्कर में फंसे लाहौल के रोहन ने बताया कि बुधवार को फंसे पर्यटक सकुशल लाहौल पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि सड़क मार्ग फिलहाल फोर बाई फोर वाहनों की आवाजाही के लिए खुल गया है।
बर्फबारी के कारण शिंकुला दर्रा बंद हो जाने से जांस्कर के करग्या गांव ने लगभग 45 सैलानी फंस गए थे। इन पर्यटकों ने सोशल मीडिया को वीडियो जारी कर बताया था कि वह जांस्कर घाटी घूमने गए थे। बर्फबारी के कारण वह फंस गए। बताया कि वह लोग करीब चार दिन तक करग्या में फंसे रहे। इस दौरान कुछ पर्यटकों के पास पैसे भी खत्म हो गए। बुधवार को बीआरओ ने कड़ी मशक्कत के बाद शिंकुला दर्रा बहाल किया। सभी पर्यटक सुरक्षित जांस्कर से लाहौल पहुंच गए हैं। उधर, डीएसपी केलांग राजकुमार ने कहा कि चार दिन बाद शिंकुला दर्रा से फोर बाई फोर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है।