ताजा हिमपात के कारण टॉप तक नहीं पहुंच सके पर्यटक
पहली बार विंटर डेस्टिनेशन के रूप में उभरकर सामने आया दर्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। समुद्रतल से 16,580 फीट की ऊंचाई पर स्थित शिंकुला दर्रा इस सर्दी में पहली बार विंटर टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में उभरकर सामने आया है।
बर्फ देखने की चाह में पर्यटक रोजाना मनाली से शिंकुला की ओर रुख कर रहे हैं। शुक्रवार को हुई ताजा बर्फबारी के बाद शिंकुला टॉप का तापमान माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। शिंकुला मार्ग पर सड़क पर जमी बर्फ और फिसलन को देखते हुए प्रशासन ने पहले केवल फोर बाई फोर वाहनों की आवाजाही की अनुमति दी थी। हालांकि शनिवार को फिसलन बढ़ने के कारण एहतियातन दारचा से आगे केवल 18 किलोमीटर तक ही वाहनों को जाने की इजाजत दी गई। प्रशासन को उम्मीद है कि मौसम सामान्य रहने पर रविवार से शिंकुला दर्रे के समीप तक पर्यटकों को जाने की अनुमति फिर दी जा सकती है।
मनाली, सिस्सू और आसपास के क्षेत्रों में फिलहाल बर्फ नहीं होने के कारण पर्यटकों को बर्फ के दीदार के लिए हिमाचल और लद्दाख की सरहद पर स्थित शिंकुला टॉप की ओर रुख करना पड़ रहा है। सर्दियों के मौसम में यह पहला अवसर है जब बड़ी संख्या में पर्यटक शिंकुला टॉप तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। शनिवार को भी काफी संख्या में पर्यटक मनाली से शिंकुला की ओर निकले, लेकिन शुक्रवार को हुई बर्फबारी के चलते उन्हें दारचा से महज 18 किलोमीटर आगे ही रोक दिया गया। दारचा और आसपास के क्षेत्रों में जमी बर्फ और ठंडी वादियों ने पर्यटकों को खासा आकर्षित किया। कई पर्यटक दारचा और जिस्पा तक पहुंचकर बर्फ का आनंद लेते नजर आए। वाहन चालकों करण, सुरेश, सुरेंद्र और दावा ने बताया कि शिंकुला क्षेत्र में पर्यटकों को अच्छी बर्फ देखने को मिल रही है, लेकिन शनिवार को सुरक्षा कारणों से शिंकुला टॉप के लिए वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। इसके बावजूद शिंकुला टॉप से नीचे का इलाका इस सर्दी में पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बनकर उभरा है।