न्यूली (कुल्लू)। सैंज घाटी में वर्ष 2023 और 2025 की आपदा के दौरान खतरे में पड़ी आवादी और जमीन को सुरक्षित करने के लिए जलशक्ति विभाग ने योजना तैयार की है। अलग अलग स्थानों के लिए विभाग ने करोड़ों की योजना का प्रारूप तैयार कर केंद्र को भेजा है। इसी कड़ी में सैंज अस्पताल क्षेत्र से तहसील कार्यालय तक के क्षेत्र में नदी से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सुरक्षा दीवार लगाने का प्रारूप तैयार किया है। विभाग ने इस क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार को 6 करोड़ 70 लाख रुपये की डीपीआर बनाकर भेजी है। केंद्र की स्वीकृति के बाद इस क्षेत्र को सुरक्षित करने की योजना धरातल पर उतरेगी। इस दीवार के लगने से सैंज का आधा बाजार और लोगों की सैंकड़ों बीघा भूमि सुरक्षित होगी।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 और 2025 की आपदा के बाद क्षेत्र असुरक्षित हो गया है। सैंज बाजार को काफी नुकसान पहुंचा था और आने वाले समय में भी नदी से खतरा बना हुआ है। ऐसे में यहां सैंज बाजार के साथ साथ लोगों की जमीन भी खतरे में पड़ गई है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों ने सरकार से आग्रह किया है कि उनके घर, बाजार और जमीन को सुरक्षित करने के लिए पिन पार्वती नदी के किनारे सुरक्षा दीवार लगाई जाए। लिहाजा, लोगों की मांग को देखते हुए जलशक्ति विभाग ने यहां के लिए डीपीआर बनाकर केंद्र सरकार को भेजी है।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यह योजना जल्दी से स्वीकृत होनी चाहिए ताकि आने वाली बरसात से पहले ही यहां सुरक्षा दीवार लगाई जा सके। इससे क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सकती है जबकि क्षेत्र के लोग वर्ष 2023 की बाढ़ के बाद से दहशत के साये में जी रहे हैं।
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सैंज स्थित अस्पताल से लेकर तहसील कार्यालय तक पिन पार्वती नदी के किनारे सुरक्षा दीवार लगाने की एक डीपीआर बनाकर सरकार को भेजी है। इसमें सुरक्षा दीवार लगाने पर 6 करोड़ 70 लाख रुपये का बजट खर्च होगा।
गौरव शर्मा, अधिशाषी अभियंता, जलशक्ति विभाग लारजी