सैंज (कुल्लू)। बंजार उपमंडल के सैंज क्षेत्र में स्क्रब टाइफस के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सीएचसी सैंज में 21 सितंबर से अब तक 25 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य केंद्र में रोजाना चार से पांच मरीजों के पॉजिटिव पाए जाने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
सीएचसी सैंज के चिकित्सक डॉ. वरुण ने बताया कि स्क्रब टाइफस आमतौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता। इसका संक्रमण झाड़ियों, घास और खेतों में पाए जाने वाले बेहद छोटे चिगर माइट के काटने से होता है। ये परजीवी सामान्यतः चूहों में पाए जाते हैं। बरसात के मौसम में घास और झाड़ियों की अधिकता के कारण इनकी संख्या बढ़ने से संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।
उन्होंने बताया कि तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, कमजोरी और शरीर पर लाल दाने स्क्रब टाइफस के प्रमुख लक्षण हैं। कई मामलों में माइट के काटने वाली जगह पर काले निशान जैसा घाव भी दिखाई दे सकता है। समय पर जांच और उपचार मिलने पर बीमारी का इलाज संभव है, जबकि उपचार में देरी होने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।
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खेत और घास वाले क्षेत्रों में बरतें सावधानी
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को खेतों, झाड़ियों और घास वाले क्षेत्रों में जाते समय पूरी बाजू के कपड़े पहनने तथा कीटरोधी क्रीम का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। घर के आसपास साफ-सफाई रखने के साथ लगातार बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाने की अपील की गई है।