नमूनों की जांच के बाद पता चलेगा खेतों में कौन-कौन से पोषक तत्वों की है कमी
आत्मा परियोजना के तहत 36 क्लस्टरों से मिट्टी के 3000 नमूने लेने का अभियान शुरू
मिट्टी में पौष्टिक तत्वों की कमी पूरा करने के लिए जागरूक किए जाएंगे किसान
बलदेव राज
कुल्लू। जिले में प्राकृतिक खेती को मजबूती देने के लिए आत्मा परियोजना के तहत 36 क्लस्टरों से मिट्टी के करीब 3000 नमूने लेने का अभियान शुरू कर दिया है।
नमूनों की जांच से पता चलेगा कि खेतों में कौन-कौन से पोषक तत्वों की कमी है। किसानों को इन्हें पूरा करने के लिए दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। इस कदम से जिले में फसल की गुणवत्ता और किसानों की आमदनी दोनों बढ़ाने की उम्मीद है।
जिले में किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। किसान भी रसायनयुक्त खेती से किनारा कर रहे हैं। प्राकृतिक खेती में पुरुषों के साथ महिला किसान भी सफलता का परचम लहराने लगी हैं। आत्मा परियोजना के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षण के साथ विभिन्न योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है।
जिले के नग्गर, कुल्लू, भुंतर, बंजार, आनी और निरमंड ब्लॉक से 36 क्लस्टर से रबी फसल से पहले मिट्टी के करीब 3000 नमूने लिए जाएंगे। छह खंडों से नमूने लिए जाने हैं। एक खंड में 6 क्लस्टर में रखे गए हैं।
गौर रहे कि आत्मा परियोजना के तहत जिले में 4669 मिट्टी के नमूने लेने का लक्ष्य रखा था। खरीफ सीजन से पहले 1400 से अधिक मिट्टी के नमूने लिए गए थे। अब बाकी बचे नमूने लेने का क्रम शुरू हो गया है। सभी छह खंडों से नमूने लिए जा रहे हैं। अधिकारियों की मानें तो 15 दिसंबर से पहले मिट्टी के नमूने लेने का क्रम पूरा हो जाएगा।
विभिन्न क्लस्टरों से लिए नमूने कृषि विभाग की प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जाएंगे। जांच के बाद पता चलेगा कि मिट्टी में कौन-कौन से पोषक तत्वों की कमी है। इसके बाद किसानों को मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए जागरूक किया जाएगा।
छह ब्लॉक से मिट्टी के नमूने लिए जा रहे हैं। इसके बाद इनकी जांच की जाएगी। किसानों को मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी पाए जाने पर जागरूक किया जाएगा। प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। -डॉ. प्रदीप ठाकुर, आत्मा परियोजना निदेशक
किसानों ने अपनाई है प्राकृतिक खेती
आत्मा परियोजना के तहत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने लिए जिले में क्लस्टर बनाए हैं। एक ब्लॉक में छह क्लस्टर हैं। जिले में 4669 किसानों ने प्राकृतिक खेती को अपनाया है। किसान अपने खेती में प्राकृतिक खेती के माध्यम से खेती कर रहे हैं।