न्यूली (कुल्लू)। सैंज-न्यूली मार्ग रविवार सुबह करीब 6 घंटे वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रहा। इस कारण फल-सब्जी और दूध सहित अन्य सामान लेकर आ रहे वाहन घंटों फंसे रहे। मार्ग पर एनएचपीसी की पार्वती जल विद्युत परियोजना चरण-तीन के बांध स्थल सोती में पहाड़ी से भारी मात्रा में भूस्खलन हुआ।
मार्ग पर चट्टानें आ गईं। इससे मार्ग आवाजाही के लिए बंद हो गया। लोगों के अनुसार सुबह करीब 4 बजे भूस्खलन हुआ। घाटी की छह पंचायतों की ओर से सुबह फल-सब्जी लेकर मंडियों की ओर जा रहे 70 से अधिक वाहन फंस गए। सुबह सात बजे के बाद यहां दूध की सप्लाई करने वाले वाहन भी फंस गए। पर्यटक वाहन भी यहां दोनों तरफ फंसे रहे।
पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी आने जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की जानकारी स्थानीय लोगों ने प्रशासन और प्रोजेक्ट प्रबंधन को दी। ऐसे में करीब 9:30 बजे के बाद यहां मार्ग बहाल करने के लिए मशीनें पहुंची। करीब 10 बजे मार्ग को यातायात के लिए बहाल किया गया।
घाटी के लोगों तीर्थ राम, नीमत राम, गिरधारी लाल, प्रेम सिंह, भीमी राम, अच्छर सिंह, मान चंद, किशोरी लाल, विपिन, बुद्धि सिंह ने बताया कि यह स्थान क्षेत्र के लोगों के लिए काफी मुसीबत बना हुआ है। यहां पहाड़ पर लूज रॉक मौजूद हैं जो कभी भी गिर सकते हैं। इसके चलते यहां भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। उन्होंने एनएचपीसी प्रबंधन और प्रशासन से आग्रह किया है कि पहाड़ी पर लटक रहे पत्थरों को समय रहते हटाया जाए।
यह मार्ग घाटी की छह पंचायतों जिसमें देहुधरीधार, शांघड़, शैंशर, गाड़ापारली, रैला और रैला-दो पंचायतों को जोड़ता है। ऐसे में सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए बंद पड़ने से उपरोक्त पंचायतों के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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सैंज-न्यूजी मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया गया है। आने वाले समय में यहां यातायात सुचारु बना रहे इसके लिए प्रयास किए जाएंगे।
-पंकज शर्मा, एसडीएम बंजार
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प्रोजेक्ट की ओर से इन्हें हटाने के लिए योजना भी बना रखी है और इसकी टेंडर प्रक्रिया भी हो चुकी है लेकिन धरातल पर कार्य शुरू नहीं हुआ है। जिसके चलते यहां भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
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