भनारा के लिए रवाना होते देवता वशिष्ठ ऋषि के हारियान। स्त्रोत पाठक
घाटी के भनारा गांव में घंटों तक हुई देव कार्यवाही
तीन साल के बाद गए देवता, बर्फबारी की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। लगभग तीन महीने से चल रहे सूखे जैसे हालात से निजात के लिए अब लोग देवी-देवताओं की शरण में जाने लगे हैं। सोमवार को बारिश और बर्फबारी के लिए वशिष्ठ ऋषि भनारा गांव में शिरघन नाग के पास गए।
शिरघन नाग को 18 नागों में सबसे ज्येष्ठ माना जाता है। घंटों तक भनारा में देव कार्यवाही हुई। मान्यता है कि वशिष्ठ ऋषि के भनारा जाने के बाद बर्फबारी और बारिश जरूर होती है। अब घाटी में लोगों को जल्द बर्फबारी होने की उम्मीद है।
पिछले तीन माह से मनाली सहित समूची घाटी में बारिश और बर्फबारी न होने से सूखे जैसे हालात का सामना करना पड़ रहा। इससे घाटी के लोग परेशान हैं। अपनी पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए वशिष्ठ ऋषि अपने हारियानों सहित जगतसुख पंचायत की पहाड़ी पर स्थित भनारा गांव पहुंचे। देवता वशिष्ठ ऋषि के पुजारी पुनीत भारद्वाज ने बताया कि देवता अपने हारियानों के साथ बारिश और बर्फबारी के लिए भनारा देवता शिरघन नाग के पास आए हैं। लगभग तीन साल के बाद देवता भनारा गए। यहां आने पर देवता शिरघन नाग महर्षि वशिष्ठ का मान सम्मान करते हुए, सूखे में बारिश और ज्यादा बारिश में मौसम साफ कर देते हैं। शिरघन नाग के कारदार तेज राम ने बताया कि घाटी में जब सूखा पड़े, बरसात में बारिश न हो तो बारिश के लिए वशिष्ठ ऋषि यहां आते है। अत्यधिक बारिश होने पर बारिश रोकने के लिए भी महर्षि यहां पहुंचते है। सदियों से इस परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है।