कुल्लू की वादियों में पहले भी कई पैराग्लाइडर हो चुके हैं हादसों का शिकार
पैराग्लाइडिंग के नियमों में सख्ती करने के बावजूद नहीं थम रहे हैं हादसे
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में पैराग्लाइडिंग का रोमांच पर्यटकों के लिए आकर्षण जरूर है लेकिन लगातार हो रहे हादसे इसे जानलेवा बना रहे हैं। नियम और सख्ती की बातें तो होती हैं, पर हकीकत में सुरक्षा व्यवस्था हवा में झूलती नजर आती है।
बीते वर्षों में एक के बाद एक हादसों ने न सिर्फ जिंदगियां छीनी हैं, बल्कि प्रशासनिक दावों की भी पोल खोल दी है।
गड़सा पैराग्लाइडिंग साइट में भी बीते दिन पैराग्लाइडर से गिरकर महाराष्ट्र का एक पर्यटक घायल हुआ है। पर्यटक को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है। यह पहली बार नहीं है, जब कुल्लू जिले में पर्यटकों के साथ इस तरह का हादसा हुआ हो। इससे पहले भी पर्यटकों के साथ इस तरह के हादसे हुए हैं।
कई पर्यटक हादसों में अपनी जान भी गंवा चुके हैं। हालांकि प्रशासन और पर्यटन विभाग कुल्लू की ओर से नियमों को लेकर सख्ती की गई है। सख्ती के बावजूद हादसों का सिलसिला नहीं थम रहा है। साल 2025 के पहले सप्ताह में रायसन पैराग्लाइडिंग साइट में पैराग्लाइडर से गिरकर हैदराबाद के एक पर्यटक की मौत हो गई थी। हालांकि घायल पर्यटक को पहले भुंतर के निजी अस्पताल ले जाया गया था। यहां से हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज नेरचौक रेफर कर दिया गया। यहां उपचार के दौरान पर्यटक की मौत हो गई थी।
गड़सा पैराग्लाइडिंग साइट में जनवरी के तीसरे सप्ताह में भी एक हादसा हुआ था। इसमें पैराग्लाइडर हादसे में करीब सौ फीट ऊंचाई से तमिलनाडु का एक पर्यटक और पायलट गिर गए थे। इसमें पर्यटक की मौत हो गई थी।
16 मार्च, 2025 को डोभी पैराग्लाइडिंग साइट पर चार पैराग्लाइडर हवा के तेज बहाव में रास्ता भटक गए थे। इनमें तीन पैराग्लाइडर बटाहर रांगड़ी में उतरे जबकि एक तराशी गांव में उतरा था। तराशी गांव में पहुंचा पैराग्लाइडर बिजली के तारों से लटक गया था। उसे काफी मशक्कत के बाद गांव के युवाओं ने रेस्क्यू किया था। बीते वर्ष 11 फरवरी, 2024 को पैराग्लाइडिंग के दौरान सीट बेल्ट खुलने से तेलंगाना की 26 साल की महिला की मौत हो गई थी। नव्या लेंटर पर जा गिरी थी। दूसरा हादसा 29 मई, 2024 को रायसन के पास हुआ था। इस हादसे में महाराष्ट्र के पर्यटक गौतम खरात (57), गांव ठाणे (महाराष्ट्र) की की लैंडिंग के दौरान मौत हो गई थी।