विश्वकर्मा दिवस के मौके पर हजारों लोगों ने रोहतांग टनल के नॉर्थ पोर्टल का दीदार किया। वीरवार को टनल में निर्माण कार्य बंद रहने से नॉर्थ पोर्टल के मुहाने को आम लोगों के लिए खोला गया।
टनल के भीतर जाने के लिए सुबह से ही नॉर्थपोर्टल में लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। इस दौरान अमर उजाला की टीम ने भी नॉर्थ पोर्टल का दौरा कर काम का जायजा लिया। सुरंग का निर्माण कर रही कंपनी ने इसके लिए अपनी एक बस को लोगों को टनल के भीतर ले जाने के लिए तैनात कर रखा था। टनल देखने के लिए घाटी के कई बुजुर्ग भी लाठियों के सहारे नॉर्थ पोर्टल तक पहुंचे।
कंपनी का दावा है कि वीरवार को टनल देखने के लिए लाहौल और कुल्लू से करीब साढ़े तीन हजार से अधिक लोग नॉर्थ पोर्टल पहुंचे, जिन्हें कंपनी की बस और कुछ निजी वाहनों के जरिये टनल के भीतर ले जाया गया। हालांकि, प्रोटोकॉल के चलते कंपनी के अधिकारी मीडिया से अधिकारिक तौर पर बात करने से कतराते रहे। शाशिन गांव के 83 वर्षीय फुंचोग का कहना है कि टनल के भीतर पहुंच कर उन्हें एहसास हुआ है कि अब जल्द लाहौल घाटी पूरा वर्ष दुनिया से जुड़ा रह पाएगा। केलांग के 69 साल के किशन दास ने बताया कि सुरंग के भीतर पहुंच कर उन्हें इस बात पर संतोष हुआ कि सेना के बहाने ही सही, भारत सरकार जनजातीय लोगों को बर्फ की कैद से मुक्ति देेने के लिए प्रयासरत है। पूरद गांव के 77 वर्षीय चंबा राम ने बताया कि टनल देखने के लिए अपने पोते के साथ वह नॉर्थ पोर्टल पहुंचे हैं। उन्हें भरोसा नहीं कि जिंदगी की डोर कब कट जाए लिहाजा, मौत से पहले एक बार रोहतांग सुरंग को नजदीक से निहारने की इच्छा थी जो आज पूरी हुई है। जोबरंग की 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला देचिन अंगमों कहती हैं कि आज से करीब चार दशक पहले रोहतांग सुरंग निर्माण की बात उठी थी। उन दिनों सुरंग की बात महज एक सपना लगता था, लेकिन आज 40 साल बाद उस सपने को पूरा होते देखना आत्मा को सुकून देने वाला है। वहीं, टनल देखने नॉर्थ पोर्टल पहुंचे हजारों लोगों के लिए कंपनी की ओर से भंडारे का भी आयोजन किया गया।
कंपनी में तैनात कुछ वाहन चालक अपने रिश्तेदारों को टनल के भीतर ले जाने में व्यस्त दिखे। हालांकि, आम जनता के लिए कंपनी ने एक बस को तैनात कर रखा था। भीड़ की वजह से बस में सीट को लेकर धक्का-मुक्की भी हुई। कंपनी के कुछ कर्मचारियों के इस व्यवहार से कुछ लोगों ने नाराजगी भी जाहिर की। उधर, रोहतांग टनल में तैनात बीआरओ के कर्नल केएस राव ने कहा कि कंपनी से इसके बारे में जानकारी ली जाएगी।