मौसम खुलते ही मनाली-लेह सामरिक मार्ग को यातायात के लिए बहाल करने के लिए बीआरओ ने अपने अभियान को तेज कर दिया है। मनाली-लेह मार्ग बहाली को लेकर बीआरओ ने मनाली तथा लाहौल की तरफ से पूरी ताकत झोंक दी है। बीआरओ ने बर्फ हटाओ अभियान को तेज करने के लिए अतिरिक्त जवान व मशीनरी को लगा दिया है। लाहौल के कोकसर की ओर से 70 आरसीसी की टीम अपनी आधुनिक मशीनों के साथ ग्रांफू के पास पहुंच गई है। वहीं मनाली से 40 किलोमीटर आगे बंता मोड़ को पार कर कुछ दिनों में बीआरओ का काफिला राहनीनाला पहुंच जाएगा। पिछले सप्ताह हुई ताजा बर्फबारी के कारण बीआरओ को सड़क से बर्फ हटाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।
इस दौरान मढ़ी में ही करीब 45 सेंटीमीटर ताजा हिमपात हुआ था, लेकिन तमाम मुश्किलों को पीछे छोड़ते हुए बीआरओ के अधिकारी और जवान शून्य से 20 डिग्री नीचे के चल रहे तापमान में भी बर्फ हटाने में जुटे हैं। सोमवार को बीआरओ का काफिला बंता मोड़ से आगे निकल गया है। ऐसे में लाहौल की ओर पैदल जाने वाले लोगों को सफर आसान हो गया है। बीआरओ के कार्यकारी कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल मयंक मेहता ने बताया कि बीआरओ ने रोहतांग बहाली का कार्य तेज कर दिया है। गत दिनों हुई ताजा बर्फबारी और बर्फीली हवा के कारण बीआरओ के कदम कोकसर में ही रुक गए थे। लेकिन अब द्वारा बीआरओ ने मोर्चा संभाल लिया है। उधर, 70 आरसीसी के लेफ्टिनेंट कर्नल विजय कुमार ने कहा दोनों तरफ से बीआरओ की 15 मशीन और 40 मजदूरों की तैनाती की है। रोहतांग बहाली के लिए अब मात्र 26 किलोमीटर से बर्फ हटाना शेष रह गया है। मौसम ने साथ दिया तो 25 से 30 अप्रैल के रोहतांग दर्रा को यातायात के लिए बहाल कर दिया जाएगा।