शून्य से नीचे करीब 10 डिग्री तापमान में कड़ी मशक्कत के बाद मंगलवार देर शाम रोहतांग दर्रा के दोनों छोर से बर्फ हटाने में सीमा सड़क संगठन ने कामयाबी हासिल कर ली है। लेकिन, रास्ता जोखिम भरा होने के कारण फिलहाल इस मार्ग से वाहनों की आवाजाही के लिए अधिकारिक तौर पर अनुमति नहीं दी गई।
बताया जा रहा है कि बुधवार से रोहतांग दर्रे को वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। बीआरओ के 38 टास्क फोर्स के कमांडर कर्नल केपी राजेंद्र ने रोहतांग पहुुंच कर बर्फ हटाने के इस अभियान को खुद लीड किया। कर्नल ने बताया कि बीती सोमवार रात को करीब नौ बजे तक संगठन के जबान बर्फ हटाने के अभियान में जुटे रहे। उन्होंने बताया कि रोहतंाग दर्रा में 8 से 10 फुट ऊंची बर्फ की दीवार खड़ी हो गई है। जबकि, वहां पर दिन का तापमान शून्य से लगभग 10 डिग्री नीचे रिकार्ड किया गया।
ऐसे हालात में रोहतांग में बर्फ हटाने का काम बेहद चुनौती भरा है। हालांकि, बर्फ हटाने में तैनात जवानों को रोहतांग की परिस्थितियों से लड़ने के लिए जरूरी किट मुहैया करवाया गया है। कर्नल ने बताया कि मंगलवार देर शाम को उन्होंने बर्फ हटा कर रोहतांग दर्रा के दोनों छोरों को आपस में मिला दिया है। लेेकिन, संभवता बुधवार को ही वाहनों को आर-पार होने की अनुमति दी जाएगी। इस पूरे अभियान में चार डोजर, तीन स्नो कटर और दो दर्जन से अधिक जवानों को तैनात किया गया है।