कुल्लू। पार्वती घाटी की रतोचा-चतरानी सड़क की हालत काफी खस्ता बनी हुई है। रतोचा से लेकर चतरानी तक पांच किलोमीटर के क्षेत्र में जगह-जगह भूस्खलन हुआ था। आपदा को आए नौ महीने बीत गए हैं, अभी तक सड़क बड़े वाहनों के लिए बहाल नहीं हो पाई है।
हालांकि, सड़क पर रतोचा से आगे चतरानी तक सिर्फ छोटे वाहन ही दौड़ते हैं। बड़े वाहनों के लिए सड़क को लोक निर्माण विभाग बहाल नहीं कर पाया है। कुल्लू से चतरानी रूट पर जाने वाले बस भी चतरानी से पांच किलोमीटर पीछे रतोचा में ही रुक रही है। ग्रामीणों को पांच किमी का पैदल रास्ता नापना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को हो रही है। विद्यार्थियों को रतोचा से लेकर चतरानी तक पैदल सफर करना पड़ रहा है। पिछले साल आपदा में जब सड़क पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई थी तो बागवानों का सेब बगीचों में सड़ गया था। ऐसे में उन्हें घाटा उठाना पड़ा था। अब सब्जियों के सीजन को देखते हुए फिर डर सताने लगा है।
हालांकि, ग्रामीणों ने प्रशासन के ध्यान में समस्या को लाया। पिछले दिनों भी क्षेत्र के ग्रामीण एडीसी कुल्लू से समस्या के समाधान को लेकर लेकर मिले थे। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क को जल्द सुधारने का आग्रह किया था। एडीसी कुल्लू अश्वनी कुमार ने ग्रामीणों को जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
रतोचा से चतरानी सड़क वर्ष 2023 और 2025 की आपदा में क्षतिग्रस्त हुई है। पिछले साल खराब हुई सड़क अभी तक दुरुस्त नहीं हो पाई है। खस्ताहाल सड़क पर बारिश के दिनों में कई बार छोटे वाहनों की आवाजाही भी बंद हो जाती है। स्कूली विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोग समस्या से परेशान हैं।
किशन ठाकुर, स्थानीय निवासी
मटर और सब्जियाें का सीजन शुरू हो गया है। ग्रामीणों की आय का मुख्य साधन कृषि है। ऐसे में सड़क अगर बाधित होती है तो क्षेत्र के किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। सड़क को चकाचक करने के कार्य में विभाग तेजी दिखाए।
संजू पुजारी, स्थानीय निवासी
क्या कहते हैं अधिकारी
रतोचा से चतरानी के बीच एक जगह पुल बनाया जाना है। इसके लिए विभाग की ओर से कार्य पूरा कर दिया गया है। अब मेकेनिकल विंग की ओर से ब्रिज लांच किया जाएगा। इसके बाद बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।
गोविंद ठाकुर, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग