बंजार (कुल्लू)। नेशनल हाईवे-305 पर औट से बंजार तक जेसीबी से नालियों की खुदाई पर महकमे ने लाखों रुपये खर्च कर दिए लेकिन अब आलम यह है कि कई जगह पानी रुकने से सड़क बदहाल हो गई है। महज एक सप्ताह में ही खुदाई की गई नालियां पहले से भी बदतर हो गई हैं। यही नहीं, नालियों की खुदाई के चलते सड़क पर आई मिट्टी आदि भी वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। लोग पूछ रहे हैं कि बरसात से पहले नालियों की खुदाई का मकसद आखिर क्या था और धन की बरबादी क्यों की जा रही है? दूसरी ओर सड़क के साथ लगती भूमि पर भी कई स्थानों पर निर्माण कार्य होने से सड़कों की दुर्गति की वजह से भी वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बंजार क्षेत्र के कई वाहन चालकों का कहना है कि महकमे ने औट से बंजार तक मशीनों से जगह-जगह नालियां तो खोद डालीं लेकिन पानी की निकासी न होने के कारण मुश्किलें बढ़ा दीं। लारजी, धामण, थुआरी, चलोगी, सिधवां और शराई में जहां-तहां नालियों में पानी रुकने का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। बंजार के जीरो प्वाइंट के पास करीब ढाई दशक से धंस रही सड़क को अब मुश्किल से दुरुस्त किया गया है लेकिन यहां सड़क किनारे नालियों में लगाए गए भारी भरकम पत्थरों के ढेर की वजह से सारा पानी सड़क की ओर बह रहा है। इससे सड़क धंसने का खतरा फिर उत्पन्न हो सकता है। शराई वासी धर्मपाल का कहना है कि विभाग ने नालियां खोदीं लेकिन पानी की निकासी न होने की वजह से सारा पानी रिसने से रिहायशी घर को खतरा पैदा कर रहा है। बंजार क्षेत्र के जगदीश, सौरभ, गोपाल आदि का कहना है कि नेशनल हाईवे 305 की अधिसूचना जारी होने के बाद कई जगह निर्माण कार्य भी सड़क की बदहाली की मुख्य वजह है। कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी सड़क से निर्माण की दूरी तो दूर, नालियों और सड़कों को बदहाल करने से रोकने के भी प्रयास भी शून्य हैं। एनएच अथॉरिटी अदालत के आदेशों को भी ठेंगा दिखाया जा रहा है। एसडीएम बंजार एमआर भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने एनएच अथॉरिटी के अधिशासी अभियंता को आदेश दिए हैं बरसात को देखते हुए हाईवे को दुरुस्त किया जाए।