औट-लुहरी सड़क मार्ग पर जलोड़ी दर्रा के समीप बर्फ हटाने में जुटी मशीनरी।
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उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। माइनस 15 से 20 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच सीमा सड़क संगठन 108 के अधिकारियों और जवानों ने 14 हजार 200 फुट ऊंचे एशिया के सबसे ऊंचे गांव हिक्किम तक मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर वहां के बाशिंदों को बड़ी राहत दी है।
वहीं, समदो से लोसर मार्ग के साथ ही स्पीति घाटी के ग्यू, कौमिक, डंखर और माने सहित स्पीति की 75 फीसदी सड़कों को सीमा सड़क संगठन और लोनिवि ने बर्फ हटाकर यातायात के लिए बहाल कर दिया है। स्पीति प्रशासन के अधिकारियों ने दावा किया है कि दो दिन के भीतर पिन वैली के अतरगु-सगनम सड़क को भी बहाल कर दिया जाएगा। इस बार स्पीति में हुई भारी बर्फबारी के बीच सड़कों की बहाली में सीमा सड़क संगठन और लोनिवि को खूब पसीना बहाना पड़ा। जबकि, ग्रांफू छोर से स्पीति घाटी के प्रवेश द्वार गांव लोसर को इस बार सीमा सड़क संगठन ने भारी बर्फ के बीच अथक प्रयास कर लोगों को स्पीति मुख्यालय काजा को जोड़ कर राहत प्रदान की है। सीमा सड़क संगठन 108 के अधिकारी राजेंद्र सिंह भी जमाव बिंदु के बीच सड़कों की बहाली में जवानों के साथ मोर्चा संभाल हुए हैं। बीआरओ के बेहतर काम को घाटी के लोग खूब सराह रहे हैं। एसडीएम काजा जीवन नेगी ने स्पीति घाटी की 75 फीसदी सड़कें बहाल किए जाने की पुष्टि की है। नेगी ने बताया कि दो दिन के भीतर पिन वैली के अतरगु-सगनम मार्ग को भी बहाल कर दिया जाएगा। भाजपा जिला अध्यक्ष राजेंद्र बोध, उपाध्यक्ष पलजोर बोध, जिप के उपाध्यक्ष लोवजंग बोध, मंडल अध्यक्ष राकेश कुमार, मंडल महामंत्री राम कुमार ने काजा प्रशासन के साथ सीमा सड़क संगठन और लोनिवि विभाग के कामकाज की प्रशंसा की है। राजेंद्र बोध ने कहा कि माइनस तापमान के बीच एशिया के सबसे ऊंचे गांव हिक्किम तक सड़क कम समय में विषम परिस्थितियों के बीच बहाल करना किसी चुनौती से कम नहीं है।