छोटे बच्चों से बजुर्गों तक हर वर्ग में मिल रहे मरीज
ओपीडी स्क्रीनिंग में अब तक 150 से अधिक मामले
राजीव नैय्यर
कुल्लू। जिले में वायरल के साथ अब हेपेटाइटिस-ए के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले एक माह में इस बीमारी से ग्रसित मरीज अस्पताल उपचार करवाने के लिए पहुंचा रहे हैं।
हेपेटाइटिस-ए के मरीज छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्गों तक हर वर्ग में मिल रहे हैं। लगातार आ रहे मामले अब डराने लगे हैं। अधिकतर मरीजों में पेट दर्द, दस्त, भूख न लगना और तेज बुखार जैसे लक्षण दिख रहे हैं। चिकित्सक ऐसे लक्षणों वाले मरीजों के टेस्ट करवा रहे हैं और ज्यादातर टेस्ट रिपोर्ट में मामले पॉजिटिव आ रहे हैं। इसी वजह से क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में भर्ती मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
गौरतलब है कि पिछले एक माह में क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की मेडिसिन और शिशु रोग ओपीडी में 150 से अधिक मरीज हेपेटाइटिस-ए की चपेट के मिले हैं। अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में लगे बिस्तर फुल चल रहे हैं और गैलरी में उपचार करना पड़ रहा है। ऐसे ही शिशु रोग वार्ड में लगे सभी बिस्तर भी फुल हैं और क्षमता से अधिक मरीजों का उपचार भर्ती के लिए भर्ती हैं। हालांकि, शिशु रोग और मेडिसिन ओपीडी में रोजाना पांच से आठ मरीज हेपेटाइटिस-ए की चपेट के मिल रहे हैं। इनमें गंभीर लक्षणों वाले मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है जबकि कम लक्षणों वाले मरीजों को चिकित्सक परामर्श और काउंसलिंग के बाद वापस भेज रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग हेपेटाइटिस-एक के मामलों को लेकर अलर्ट है। विभाग की ओर से एडवाइजरी भी जारी की गई है और लोगों से हेेपेटाइटिस से संबंधित लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल में आने का आग्रह किया जा रहा है ताकि समय पर मरीज का उपचार शुरू किया जा सके। -डॉ. ताराचंद, चिकित्सा अधीक्षक
मौसम में लगातार परिवर्तन हो रहा है, जिस वजह से में बच्चे वायरल के साथ हेपेटाइटिस-ए की चपेट में आ रहे हैं। शिशु रोग ओपीडी में रोजाना पांच के करीब बच्चे इस बीमारी से ग्रसित मिल रहे हैं। हेपेटाइटिस-ए की सैंपलिंग कर पता लगाया जा रहा है। -डॉ. तेंजिन मंटूक, शिशु रोग विशेषज्ञ
हेपेटाइटिस ए के लक्षण
- पीड़ित को बुखार, थकान, भूख न लगना, उल्टी, सिरदर्द, खुजली वाली त्वचा, मांसपेशियों में दर्द, पेट में दर्द और पीलिया आदि लक्षण हो सकते हैं।
खानपान बिगड़ने के कारण हेपेटाइटिस-ए की शिकायत आती है। ऐसे में तुरंत चिकित्सकीय सलाह और उपचार लेना चाहिए। बिना चिकित्सक की सलाह के दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए ताकि हेपेटाइटिस-ए से बचा जा सकें। बीते दिनों से अस्पताल में हेपेटाइटिस-ए के मामले लगातार आ रहे हैं। -डॉ.नितेश कुमार, मेडिसिन विशेषज्ञ