दलाश में आयोजित दो दिवसीय ऋषि पंचमी मेले में देव नृत्य करते हुए। संवाद
दलाश (कुल्लू)। दलाश में दो दिवसीय ऋषि पंचमी मेले का शनिवार को चारों देवी-देवताओं की विधिवत विदाई के साथ समापन हो गया। मेले के दूसरे दिन देवी-देवताओं के रथों के मिलन और देवनृत्य को देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मेला स्थल सौह में पहुंचे। आराध्य जगेश्वर महादेव, खोडू देवता, शाणी दुर्गा माता और कुई कंडा नाग देवता के रथ मंदिर से निकले।
श्रद्धालु नाचते-गाते हुए देव रथों को मेला स्थल तक ले गए। चारों देवी-देवताओं के रथ मेला स्थल पर पहुंचे, वहां मौजूद लोगों ने सेब और अखरोट फेंककर देवलुओं का स्वागत किया। मेला स्थल पर चारों देवी-देवताओं के रथों का मिलन हुआ। धार्मिक आयोजन के सैकड़ों लोग साक्षी बने। चारों देवी-देवताओं का देव नृत्य हुआ।
श्रद्धालुओं ने देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त कर क्षेत्र की समृद्ध की कामना की। मेले में दूरदराज के क्षेत्रों से पहुंचे व्यापारियों ने जमकर कारोबार किया। दिनभर मेला स्थल पर पहाड़ी नाटियों का दौर चलता रहा। पहाड़ी लोक गायक पीसी डोगरा की नाटियों पर लोगों ने जमकर नृत्य किया।
दलाश में आयोजित दो दिवसीय ऋषि पंचमी मेले में देव नृत्य करते हुए। संवाद
दलाश में आयोजित दो दिवसीय ऋषि पंचमी मेले में देव नृत्य करते हुए। संवाद