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Kullu News: पालने में झुलाए रामलला, भजनों से गूंजी रघुनाथ की नगरी

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राम नवमी को रघुनाथ मंदिर सहित राम मंदिर मणिकर्ण में उमड़े सैलानी
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मंदिर से बाहर निकले रघुनाथ, सैकड़ों लोगों ने दर्शन कर लिया आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी कुल्लू।
कुल्लू। रामनवमी पर जिले के मंदिरों में दिनभर राम के भजन गूंजते रहे। सुबह से ही भगवान रघुनाथ के दर्शन के लिए भक्तों को तांता लगा रहा। भगवान रघुनाथ के सम्मान में रघुनाथपुर मंदिर में तीन दिन तक रामनवमी का उत्सव मनाया जाएगा। चैत्र नवरात्रों के अंतिम दिन और रामनवमी के अवसर पर बुधवार को देवालयों में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। इस दौरान अधिष्ठाता देव रघुनाथ मंदिर, रामशीला के वैष्णो देवी मंदिर, भेखली के भुवनेश्वरी मंदिर, पूईद के मंदिर देवी जगन्नाथी, दशमी वारदा मंदिर काईस, चौंग में माता पार्वती, ज्वाला माता मंदिर शमशी, शीतला माता मंदिर सरवरी सहित हिडिंबा माता मंदिर में भक्तों के आने का सिलसिला लगातार जारी रहा। वहीं, मणिकर्ण में राम मंदिर में भी सुबह से भक्तों का आना-जाना लगा रहा। रघुनाथपुर स्थित रघुनाथ मंदिर में रामनवमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान भगवान रघुनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की गई। रामनवमी पर भगवान राम को पालने में बैठाकर झूला भी झुलाया गया और यह प्रक्रिया तीन दिन तक चलती रहेगी।
सुबह के समय रघुनाथ की विशेष पूजा अर्चना के साथ उनके भक्तों ने राम नाम का गुणगान कर माहौल को भक्तिमय बना डाला। दोपहर बाद भगवान रघुनाथ को मंदिर से बाहर निकाला गया और यहां पहुंचे श्रद्धालुओं ने दर्शन कर सुख-शांति व समृद्धि का आशीर्वाद लिया।
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रामनवमी को छुट्टी का दिन और मौसम साफ रहने से कुल्लू के तमाम मंदिरों में अन्य दिनों की अपेक्षा अच्छी-खासी भीड़ दर्ज की गई। माता के मंदिरों में कन्या पूजन की रस्म को निभाया गया। रघुनाथ के कारदार दानवेंद्र सिंह ने कहा कि रघुनाथ मंदिर में रामनवमी को पारंपरिक तरीके से मनाया गया। कहा कि पूजा-अर्चना केे बाद यहां भजन-कीर्तन किया और दोपहर बाद भगवान को पालने में झुलाया गया। कहा कि 18 और 19 अप्रैल को भी रघुनाथ को पालने में झुलाने की परंपरा को निभाया जाएगा।
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