सिस्सू (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी के अधिष्ठाता देवता राजा घेपन की घाटी परिक्रमा सोमवार से शुरू होगी। इस दौरान राजा घेपन देवी बोटी और माता जंगड्रुल के साथ परिक्रमा शुरू करेंगे। इसके लिए सोमवार को शाशिन थान में गोम्पाथांग और शाशिन के देवलू आराध्य देव राजा घेपन और रोपसंग में खांगसर, जुंगलिंग के हरुका देवी भोटी का रथ सजाएंगे। शूलिंग गांव के देवता मोगर, रालिंग के देवता ड्राबला, खले के देवता लुंगखोरबल, ट्रिलिंग के देवता शलवर, गोंधला के देवता मिलंग तेते, सक्कर के देवता नागराजा का रथ भी सजेगा। यहां के देवलू रथ तैयार कर 20 अक्तूबर को गुंचलिंग नामक स्थान पर एक दूसरे से भेंट करेंगे।
रात को सभी देवता गुंचलिंग में ही रूकेंगे। इसी दिन बिलिंग से देवता तंगजर भी गुंचलिंग पहुंचकर घेपन सहित अन्य देवताओं से भेंट करेंगे। राजा घेपन कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह ने बताया कि सोमवार को मंग अलची (देव कार्यवाही) का आयोजन होगा। 20 अक्तूबर को माता से भेंट करने के बाद आराध्य देव राजा घेपन का भव्य मिलन देवी बोटी से रोपसंग में होगा। इसके बाद परिक्रमा का आगाज होगा। संवाद