भारी बारिश से दशहरा में कारोबार ठप, दुकानदार बोले- ऐसा ही रहा तो होगा भारी नुकसान
कारोबारी बोले- पहले आपदा ने रुलाया, अब लगातार हो रही बारिश बढ़ा रही दिक्कतें
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। दशहरा उत्सव कारोबारियों के लिए उम्मीद की लौ लेकर आता है लेकिन इस बार बारिश की फुहारों ने कारोबारियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
पहले ही आपदा की मार झेल रहे कारोबारियों को दशहरा में अच्छा कारोबार होने की उम्मीद थी लेकिन दो दिन से लगातार हो रही बारिश ने पूरा कारोबार फीका कर दिया है। हस्तशिल्प, मिठाई, खिलौने, कपड़े और लोक संस्कृति से जुड़ीं दुकानों में खरीदार नहीं पहुंच रहे हैं। कीचड़ से भरी गलियां और ठिठुरती भीड़ ने रौनक को सन्नाटे में बदल दिया है। व्यापारियों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो प्लॉट के किराये की लागत भी नहीं निकल पाएगी। सोमवार को दूसरे दिन भी दिनभर बारिश जारी रही। लोग उत्सव में कम संख्या में पहुंचे। इसका सीधा असर कारोबारियों पर पड़ा। उनका कहना है कि पहले से ही वे आपदा की मार झेल रहे हैं। उत्सव में अच्छा कारोबार होने की उम्मीद थी लेकिन बारिश ने खलल डाल दिया। इससे और ज्यादा नुकसान हो रहा है। यदि मौसम ऐसा ही रहा तो उन्हें काफी ज्यादा नुकसान होगा।
कुल्लू में 2 से 8 अक्तूबर तक दशहरा उत्सव मनाया जा रहा है। इसके लिए देश के कोने-कोने से आए कारोबारियों ने प्लॉट खरीदे हैं। अभी दुकानें लगाए पांच दिन भी नहीं बीते हैं कि बारिश ने उन्हें परेशानी में डाल दिया है।
नहीं पहुंंच रहे खरीददार
कारोबारियों के अनुसार उन्हें दुकानें सजाए हुए दो दिन भी ठीक से नहीं हुए कि बारिश ने परेशान करना शुरू कर दिया है। सोमवार को भी सुबह से बारिश का दौर लगातार जारी है। इससे उत्सव में लोग नहीं पहुंच रहे हैं। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है।
बारिश से कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो गया है। आपदा के कारण पहले ही मंदी की मार झेल रहे हैं। दशहरा में कारोबार होने की उम्मीद थी बारिश ने धो दी है। आने वाले दिनों में भी ऐसा ही रहा तो काफी नुकसान के दौर से गुजरना पड़ सकता है। - पृथ्वी सिंह, हलवाई
दशहरा के दौरान कारोबार पूरी तरह सिमटकर रह गया है। आपदा से जूझ रहे कुल्लू को दशहरा उत्सव के बहाने बाहर निकलने की उम्मीद थी। कारोबार भी पटरी पर लौटने की उम्मीद थी लेकिन बारिश से कारोबार पिटता दिखाई दे रहा है। - वेद राम, हस्तशिल्पी