कुल्लू के इनर अखाड़ा बाजार में मठ से दरकी पहाड़ी के मलबे में दबे हैं दो लोग
भवन के एक कमरे में रहने थे एनडीआरएफ जवान और दूसरे में कश्मीरी मजदूर
मंगलवार देर रात को आए हैं मलबे की चपेट में, बारिश के कारण रुका रेस्क्यू अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। अखाड़ा बाजार की एक संकरी गली अब सिर्फ रास्ता नहीं, बल्कि सवालों की कब्रगाह बन चुकी है। मंगलवार रात मठ की ओर से दरकी पहाड़ी ने एक मकान को मलबे में बदल दिया।
इस मलबे के नीचे दबे हैं एनडीआरएफ का एक जवान और जम्मू-कश्मीर का एक मजदूर। तेज बारिश राहत बनकर नहीं, रुकावट बनकर बरस रही है। रेस्क्यू टीम की हर कोशिश पानी में भीग रही है। वक्त के साथ उम्मीदें भी धुंधली हो रही हैं।
मंगलवार रात को लगभग 11:45 बजे भारी बारिश से इनर अखाड़ा बाजार स्थित एक भवन के पीछे भूस्खलन हुआ। इसमें दो लोग दब गए। हादसे में एक घर भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। सूचना के बाद जिला प्रशासन के साथ एनडीआरएफ, पुलिस और होमगार्ड जवान मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। एक व्यक्ति को सुरक्षित बचाया गया। इसके बाद बुधवार शाम तक राहत एवं बचाव का काम जारी रहा मगर सुबह तड़के से लेकर शाम तक लगातार तेज बारिश होती रही। ऐसे में जिला प्रशासन के साथ एनडीआरएफ टीम को काफी परेशान होना पड़ा। भवन के एक कमरे में एनडीआरएफ का जवान रहता था। दूसरे कमरे में दो कश्मीरी मजदूर रहते थे। हादसे के दौरान एक कश्मीरी मजदूर तो खिड़की से बाहर निकल गया लेकिन दूसरा दब गया। मलबे में दबे व्यक्ति की पहचान अहमद मीर पुत्र अब्दुल रसीद मीर गांव बाारसन, जिला कुपवाड़ा, जम्मू-कश्मीर के रूप में हुई है। एनडीआरएफ जवान नरेंद्र ठाकुर पुत्र सुख राम निवासी, डाकघर ब्यासर जिला कुल्लू के रहने वाले हैं। तलाशी अभियान जारी है। शाम तक उनका सुराग नहीं लग पाया था। जिस जगह यह हादसा हुआ, वह जगह संकरी होने से एनडीआरएफ को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां मशीनरी पहुंचना भी कठिन हो गया है। उपायुक्त तोरुल एस रवीश और एसपी कार्तिकेयन गोकुल चंद्रन स्वयं रेस्क्यू अभियान के दौरान मौके पर मौजूद रहे।