अप्रैल में मौसम का बिगड़ा मिजाज फेर सकता है बागवानों की उम्मीदों पर पानी
तापमान में आ रहा उतार-चढ़ाव बढ़ा रहा जिले के बागवानों की चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मौसम की बेरुखी सेब की सेटिंग को प्रभावित कर सकती है। अप्रैल महीने में मौसम का बिगड़ा मिजाज बागवानों की उम्मीदों पर पानी फेर सकता है।
तापमान में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव से सेब की सेटिंग प्रभावित हो सकती है। इससे बागवानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। हालांकि, पहली फ्लावरिंग की सेटिंग हो गई है। अभी दो फ्लावरिंग बाकी हैं। ऐसे में बारिश और ओलावृष्टि बागवानों की बेचैनी को बढ़ा रही है। सेब के पौधों पर फ्लावरिंग के दौरान अंधड़ और ओलावृष्टि से फसल तबाह हो सकती है।
जिले में अप्रैल के तीसरे और चौथे सप्ताह में कभी बारिश, कभी धूप और कभी अंधड़ की स्थिति बनी हुई है। सेब की दूसरी फ्लावरिंग मौसम के बदले मिजाज से प्रभावित होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, खराब मौसम के चलते फसल कितनी प्रभावित हुई है, इसका पता मई के पहले या दूसरे सप्ताह के बाद ही चलेगा। जिले में जिस तरह का मौसम बना हुआ है, उससे बागवान चिंतित हैं। बागवान सूरत राम, मोहित, मोहर सिंह, जीवन लाल और देवराज ने कहा कि अप्रैल में मौसम बागवानों की चिंता बढ़ा रहा है। फ्लावरिंग के दौरान लगातार हो रही बारिश के चलते इसका असर सेटिंग पर भी पड़ा है। उधर, बागवानी विभाग के उपनिदेशक उत्तम पराशर ने कहा कि मौसम का बदला मिजाज फ्लावरिंग को प्रभावित कर सकता है। इससे सेब उत्पादन और गुणवत्ता पर विपरीत असर पड़ सकता है। उन्होंने बागवानों से बागवानी विशेषज्ञों की सलाह के बाद ही सेब के बगीचों में दवाओं के छिड़काव की सलाह दी है।