बिलासपुर-लेह रेललाइन की अलाइनमेंट के चलते रुकी वामतट की प्रक्रिया
साल 2023 में मनाली में नितिन गडकरी ने की थी 1,000 करोड़ की घोषणा
रोशन ठाकुर
कुल्लू। सामरिक महत्व की बिलासपुर-मनाली-लेह रेललाइन परियोजना ने कुल्लू-मनाली वामतट मार्ग के डबललेन की राह के लिए रोड़ा बन गई है। बताया जा रहा है कि कुल्लू-मनाली वामतट होकर ही रेललाइन की अलाइनमेंट है।
ऐसे में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय ने रेललाइन को ही पहली प्राथमिकता दी है।
इस वजह से वामतट मार्ग के विस्तारीकरण को लेकर अपने हाथ फिलहाल पीछे खींच लिए हैं। रेल प्राेजेक्ट की फाइनल अलाइनमेंट बनने के बाद ही एनएचएआई आगे की प्रक्रिया को शुरू करेगा। रेल प्रोजेक्ट के कारण वामतट मार्ग के डबललेन बनने का इंतजार अब लंबा खिंच गया है। बता दें कि कुल्लू-मनाली हाईवे तीन 2023 से लेकर लगातार आपदा की भेंट चढ़ता आया है। 2023 में आई आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए कुल्लू-मनाली का दौरे पर आए केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कुल्लू-मनाली हाईवे तीन के विकल्प के लिए वामतट के विस्तारीकरण की घोषणा की 1,000 करोड़ रुपये की घोषणा की थी। मनाली के पर्यटन कारोबारियों ने वामतट मार्ग को डबललेन बनाने की मांग भी जोर पकड़ने लगी थी। इसके बाद 2024 को बरसात के दिन कुल्लू-मनाली हाईवे कई जगह ब्यास नदी में बह गया था। अब 2025 में आपदा ने फिर कुल्लू-मनाली हाईवे का कई जगह पर ब्यास नदी ने नामोनिशान मिटा दिया है। इसकी मरम्मत का काम अभी भी जारी है लेकिन एनएचएआई ने हाईवे को अस्थायी रूप से बहाल किया है। पर्यटन कारोबारी अनूप ठाकुर, गौतम ठाकुर और चमन ठाकुर ने कहा कि कुल्लू-मनाली हाईवे हर बरसात में ब्यास नदी में बह रहा है। इस कारण न केवल कुल्लू-मनाली-लेह मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, बल्कि मनाली और लाहौल के पर्यटन कारोबार को भारी नुकसान हो रहा है। यह सिलसिला पिछले लीन साल से लगातार हो रहा है। ऐसे में इसके विकल्प के लिए कुल्लू-मनाली वामतट मार्ग को विस्तारीकरण जरूरी है और यह समय की भी मांग है।
कुल्लू-मनाली वामतट के विस्तारीकरण को लेकर डीपीआर केंद्रीय मंत्रालय को भेजी गई है लेकिन अभी तक इसकी मंजूरी नहीं मिली है।- वरुण चारी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई