गांव-गांव में की जाएगी पेयजल की गुणवत्ता जांच
तैयारी... जल जनित रोगों की चपेट में न आएं लोग
राजीव नैय्यर
कुल्लू। गर्मियों के मौसम में जलशक्ति विभाग गांव-गांव जाकर फील्ड टेस्ट किट से पानी की गुणवत्ता जांचेगा। मौके पर ही पीने के पानी की शुद्धता की जांच की जाएगी। पेयजल की गुणवत्ता और शुद्धता जांच दस पैरामीटर पर आधारित रहेगी।
फील्ड टेस्ट किट से पैरामीटर के तहत जल की कठोरता, अम्लीयता, क्षारीयता, क्लोराइड, क्लोरीन, लौह तत्व, नाइट्रेट, फ्लोराइड और बैक्टीरिया आदि की जांच की जाएगी। इसके लिए जल शक्ति विभाग फील्ड टेस्ट किट को उपयोग में लाएगा। मौके पर ही पेयजल की गुणवत्ता और शुद्धता की जांच हो पाएगी। पेयजल की गुणवत्ता और शुद्धता जांच दस पैरामीटर पर आधारित रहेगी। फील्ड टेस्ट किट से पैरामीटर के तहत जल की कठोरता, अम्लीयता, क्षारीयता, क्लोराइड, क्लोरीन, लौह तत्व, नाइट्रेट, फ्लोराइड और बैक्टीरिया आदि की जांच की जाएगी।
दरअसल, गर्मी के मौसम में पेयजल की गुणवत्ता से संबंधी सबसे ज्यादा शिकायतें मिलती हैं। शहरों और गांवों में पेयजल की गुणवत्ता खराब होने की वजह से लोग बीमारियों की चपेट में न आएं, इसके लिए जल शक्ति विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को शुद्धता से भरा पेयजल उपलब्ध करवाने के उद्देश्य ग्रामीणों क्षेत्रों को टेस्ट किट जारी की हैं। इनसे पेयजल स्रोतों के सैंपल भरे जा सकेंगे। पानी की गुणवत्ता की जांच भी की जाएगी। बाकायदा, इसके लिए विभाग ने सभी ब्लॉक में बीआरसी तैनात किए हैं। उधर, जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता अमित मिरूपा ने कहा कि पेयजल की गुणवत्ता की जांच के लिए विभाग ने फील्ड टेस्ट किट ग्रामीण क्षेत्रों में फील्ड टेस्ट किट उपलब्ध करवा दी हैं, जिससे नियमित अंतराल पर पेयजल की गुणवत्ता जांची जा सके। उन्होंने कहा कि फील्ड टेस्ट किट पेयजल की गुणवत्ता जांचने में कारगर साबित हो रही है। इससे पानी की गुणवत्ता का पता चल जाता है।