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विकास की बात... अब भुंतर बैली ब्रिज की जगह बनेगा पक्का डबललेन पुल

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भुंतर वैली व्रिज फोटो - फोटो : Kullu
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कुल्लू। दशकों से देश-विदेश के सैलानियों, किसानों-बागवानों और आम लोगों के लिए सिरदर्द बने भुंतर बैली ब्रिज की जगह जल्द ही डबललेन पक्का पुल बनाया जाएगा। राज्य राजमार्ग की ओर से भेजी डीपीआर को मंजूरी मिल गई है। जल्द ही इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके बाद पुल का काम तेजी से किया जाएगा।
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पुल के निर्माण कार्य के दौरान बजौरा के समीप बने वैकल्पिक डबललेन पुल से होकर छोटे और बड़े वाहनों को पर्यटन नगरी मणिकर्ण, कसोल और कुल्लू-मनाली के लिए भेजा जाएगा। यह वैकल्पिक पुल इस माह के अंत तक वाहनों की आवाजाही के लिए तैयार हो जाएगा।
बता दें कि वर्तमान में वनवे भुंतर बैली ब्रिज पर रोजाना घटों जाम लग जाता है। इससे सैलानियों और किसानों-बागवानों को परेशानी होती है। खासकर पर्यटन सीजन, फल और सब्जियों के सीजन में स्थिति और भी विकराल हो जाती है। वहीं यह पुल बार-बार खराब होने से इसे वाहनों के लिए बंद रखना पड़ता है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी नवीन मिश्रा ने बताया कि बजौरा के समीप फोरलेन पर डबललेन पुल का निर्माण का कार्य जोरों पर है। इस माह के अंत तक पुल पर वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा।
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भुंतर के छोटे पुल से गुजरेंगे दो पहिया वाहन
भुंतर में एक लोक निर्माण विभाग का पैदल चलने के लिए बना एक छोटा पुल भी है। भुंतर बैली ब्रिज का कार्य आंरभ होते ही इस छोटे पुल पर दो पहिया वाहनों के लिए अनुमति प्रदान कर दी जाएगी। इससे लोग पर्यटन स्थल कसोल, मणिकर्ण समेत अन्य स्थानों के लिए जा सकेंगे। इसका फायदा सैलानियों को मिलेगा। लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता केके शर्मा ने बताया कि भुंतर बैली ब्रिज राज्य राजमार्ग के अधीन है, जो काफी साल पहले बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था। इस पुल को जल्द ही डबललेन किया जा रहा है।
मंडी तक आसानी से पहुंचेगी फसल, मिलेंगे अच्छे दाम
भुंतर बैली ब्रिज के डबललेन होने के बाद हजारों किसानों-बागवानों की फसल समय पर भुंतर सब्जी मंडी में पहुंच पाएगी। इससे किसानों-बागवानों को फसलों के अच्छे दाम मिलेंगे। किसान-बागवान हेम राज, सुरेश, योगराज ने बताया कि वर्तमान इस पुल पर हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। इससे पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती है। घंटों जाम लगा रहता है। अब ऐसे में किसानों-बागवानों की फसल समय पर मंडी में पहुंच नहीं पहुंच पाती है और फसलों के दाम कम मिलते हैं।
हर रोज होती है हजारों वाहनों की आवाजाही
इस बैली ब्रिज पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में बड़े-छोटे वाहनों का आवागमन रहता है। यह पुल पर्यटन स्थल कसोल और मणिकर्ण पहुंचने के लिए भी अहम है। इसलिए पुल पर वाहनों की आवाजाही ज्यादा रहती है। जिससे पुल के दोनों तरफ वाहनों की कई किलोमीटर तक लंबी कतारें लग जाती हैं। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी सैलानियों व किसानों-बागवानों को उठानी पड़ती है, क्योंकि बैली ब्रिज के साथ ही सब्जी मंडी स्थापित है।
बाईपास पुल तैया होते ही शुरू हो जाएगा काम : डीसी
उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने बताया कि बजौरा-भुंतर बाईपास डबललेन पुल पर यातायात शुरू होते ही भुंतर बैली ब्रिज को डबललेन करने का कार्य भी आरंभ कर दिया जाएगा। इस माह के अंत तक पुल के तैयार होने की उम्मीद है, जिसका सैलानियों समेत किसानों-बागवानों और आम जनता को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा समय-समय पर पुल की समस्या के संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक की जा रही है।
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