कुल्लू। नशे की रोकथाम के लिए समाज, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों और आम लोगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। यह बात एडीएम सुरजीत सिंह राठौर ने जिला स्तरीय नार्को को-ऑर्डिनेशन (एनसीओआरडी) समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिषेक एस, जिला पर्यटन विकास अधिकारी रोहित शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में जिले में नशे की रोकथाम और अवैध भांग एवं अफीम की खेती के उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के तहत पुलिस, वन विभाग और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीमें अवैध खेती के खिलाफ अभियान चला रही हैं। अब इस अभियान में आईटीबीपी का सहयोग भी लिया जाएगा।
एडीएम ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों और महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम तेज करने तथा युवाओं को खेल, सांस्कृतिक और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया। कृषि एवं बागवानी विभाग को अवैध खेती वाले क्षेत्रों में लाभकारी वैकल्पिक नकदी फसलों और पौधों की खेती की संभावनाओं पर काम करने के निर्देश दिए गए। जिले की 28 चिह्नित संवेदनशील पंचायतों में नशा निवारण समितियों की बैठक पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में अनिवार्य रूप से आयोजित करने का निर्णय लिया गया। पुलिस विभाग को प्रत्येक थाना क्षेत्र में नशे के हॉटस्पॉट चिन्हित कर गश्त बढ़ाने और स्थानीय होटलों की नियमित जांच करने के निर्देश भी दिए गए। संवाद