निरथ में लूहरी परियोजना प्रभावितों ने विभिन्न मांगों को लेकर तैयार की रणनीति। स्रोत : सभा
रामपुर बुशहर। सतलुज नदी पर निर्माणाधीन एसजेवीएन की 210 मेगावाट परियोजना से प्रभावित पंचायतों के किसानों और ग्रामीणों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।
परियोजना निर्माण के लिए भूमि देने वाले प्रभावितों, किसानों की फसलों और मकानों में आईं दरारों का मुआवजा न मिलने से प्रभावितों में परियोजना प्रबंधन के प्रति खासा रोष है। प्रभावितों की समस्याओं को लेकर किसान सभा 27 अक्तूबर को परियोजना प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी।
किसान सभा ने चेताया है कि प्रभावित किसानों की मांगें पूरी न होने तक किसान सभा का संघर्ष जारी रहेगा और किसानों की मांगों को लेकर सभा निर्णायक लड़ाई लड़ेगी। लूहरी जल विद्युत परियोजना प्रभावित सचिवालय कमेटी की बैठक मंगलवार को निरथ में हुई।
बैठक में परियोजना प्रभावित किसानों के लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान 27 अक्तूबर को होने वाले प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए चर्चा की गई।
बैठक में हिमाचल किसान सभा लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी के महासचिव देवकी नंद और कृष्णा राणा ने कहा कि लूहरी परियोजना प्रभावित किसानों की मांगों को पूरा करने में सरकार, प्रशासन और सतलुज जल विद्युत निगम में पूरी तरह विफल रहे हैं।
परियोजना प्रबंधन और किसान सभा के बीच बार-बार समझौते होने और सहमति बनने के बाद भी बरकेली गांव, फाटी देहरा, बायल, गड़ेज में 2021-22 का फसल का मुआवजा नहीं दिया गया है। संवाद