2.5 हेक्टेयर भूमि पर बनेगा 80 करोड़ रुपये से बनेगा 1.20 किलोमीटर रोपवे
दो स्टेशन होंगे, चामुंडानगर के साथ लगेंगे पोल, चंद मिनट में पहुंच सकेंगे पर्यटक
गौरीशंकर
कुल्लू। सरवरी से पीज तक प्रस्तावित रोपवे का निर्माण कैंपा फंड से किया जाएगा। जिला प्रशासन ने केंद्र को प्रतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (कैंपा) से फंड जारी करने के लिए प्रस्ताव भेज दिया है।
रोपवे के लिए वन भूमि प्रदान करने के लिए एफसीए आवेदन भी कर दिया है। इससे रोपवे के निर्माण का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है।
बहरहाल, एफसीए आवेदन के अनुसार प्रोजेक्ट में 2.5 हेक्टेयर भूमि का उपयोग किया जाना है। ऐसे में जिला प्रशासन ने विभाग से मिलकर इसका एक विस्तृत प्रारूप बनाकर केंद्र को भेज दिया है। प्रारूप के अनुसार रोपवे करीब 80 करोड़ रुपये से बनाया जाना है।
योजना के अनुसार रोपवे सरवरी बस अड्डा के साथ बनी पार्किंग से पीज की पैराग्लाइडिंग साइट तक करीब 1.20 किलोमीटर लंबा बनेगा। इसमें दो स्टेशन होंगे। बीच में चामुंडानगर के साथ पोल लगेंगे। इससे चंद मिनट में पीज की पहाड़ी में पर्यटक पहुंच सकेंगे। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार इस रोपवे को मंजूरी दे चुकी है। अब एफसीए की औपचारिकता शेष रह गई है जिसका क्रम शुरू कर दिया गया है।
पर्यटकों को काइसधार पहुंचने में होगी आसानी
पीज के साथ लगती एक खूबसूरत काइसधार घाटी तक पहुंचने के लिए सैलानियों को इस रोपवे से आसानी होगी। यहां अंग्रेजों के जमाने का विश्राम गृह मौजूद है। इसे वे छुट्ययां बिताने के लिए उपयोग में लाते थे। ये अब पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। साथ ही दरपौइन और पीज गांव के साथ पैराग्लाइडिंग साइट तक पहुंचने में भी आसानी होगी।
पर्यटकों को मिलेगा नया डेस्टिनेशन
कुल्लू जिले की बात करें तो यहां हर साल आने वाले पर्यटकों की संख्या का आंकड़ा 35 लाख से अधिक पहुंच चुका है। ये पर्यटक खासकर मनाली, कसोल, मणिकर्ण और तीर्थन घाटी में जाते हैं। रोपवे बनने के बाद उन्हें काइसधार पहुंचने के लिए आसानी होगी और उन्हें एक नया डेस्टिनेशन मिल जाएगा।
विभाग की ओर से सरवरी-पीज रोपवे को लेकर जहां एफसीए आवेदन किया जा चुका है। केंद्र से कैंपा के तहत फंड उपलब्ध करवाने के लिए भी प्रस्ताव भेजा है। स्वीकृति मिलने पर रोपवे की योजना धरातल पर उतरेगा। - एंजल चौहान, वनमंडलाधिकारी कुल्लू